महंगे प्याज पर सरकार का एक्शन, 17 शहरों में 4,000 टन बफर प्याज बिका.. 35 रुपये किलो में बिक्री

Onion Price: केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से 17 शहरों में करीब 4,000 टन प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर बेचा है. सरकार के पास 1.21 लाख टन बफर प्याज है, जिसे अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 6 Sep, 2026 | 02:33 PM

Onion Price Hike: देश के कई हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक में रखे प्याज को सस्ते दाम पर बाजार में उतारना शुरू किया है. सरकार की इस पहल के तहत अब तक 17 शहरों में करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है. इसे 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर बेचा जा रहा है.

सरकार के पास 1.21 लाख टन प्याज का स्टॉक

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, केंद्र सरकार के पास 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है. इस स्टॉक को जरूरत के हिसाब से उन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां प्याज की कीमतें ज्यादा हैं. सरकार की एजेंसियां NCCF और NAFED उत्पादक राज्यों से प्याज उठाकर खपत वाले शहरों तक पहुंचा रही हैं. इसके लिए ट्रकों के साथ-साथ खास ट्रेन भी इस्तेमाल की जा रही है. इस ट्रेन को ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है.

दिल्ली और चेन्नई पहुंचा ‘कांदा एक्सप्रेस’

सरकार के मुताबिक, ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली और चेन्नई पहुंचाया जा चुका है. बिजनेसलाइन के अनुसार, अब तीसरी खेप गुवाहाटी भेजने की तैयारी चल रही है. इस पूरी व्यवस्था का मकसद बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नीचे लाना है. NCCF की मैनेजिंग डायरेक्टर अनिस जोसेफ चंद्रा ने बताया कि अकेले NCCF अब तक अलग-अलग शहरों में करीब 1,500 टन बफर प्याज बेच चुका है. प्याज की बिक्री 35 रुपये किलो के हिसाब से की जा रही है.

कई राज्यों में सस्ते प्याज की बिक्री

सरकार की यह रिटेल योजना दिल्ली-NCR के अलावा तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, पंजाब और ओडिशा समेत कई राज्यों में चल रही है. राज्य सरकारें भी इस योजना में दिलचस्पी दिखा रही हैं. लोगों तक प्याज पहुंचाने के लिए सरकारी स्टोर, मोबाइल वैन, सहकारी समितियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से तय किए गए दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. केंद्रीय भंडारण निगम यानी CWC प्याज की छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने का काम संभाल रहा है.

कीमतों में थोड़ी गिरावट, लेकिन प्याज अभी भी महंगा

NCCF के मुताबिक, सस्ते बफर प्याज की बिक्री शुरू होने के बाद बाजार में कीमतों में करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की कमी देखने को मिली है. हालांकि, प्याज अभी भी कई शहरों में आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 5 सितंबर को दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव 58 रुपये किलो, मुंबई में 53 रुपये, चेन्नई में 63 रुपये और रांची में 40 रुपये किलो रहा. वहीं, देशभर में प्याज का औसत खुदरा भाव 50.79 रुपये किलो दर्ज किया गया.

दिलचस्प बात यह है कि जब 28 अगस्त को सस्ते प्याज की बिक्री शुरू हुई थी, तब अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 48.50 रुपये किलो थी. यानी सरकार की कोशिशों के बावजूद औसत कीमत में अभी पूरी तरह कमी नहीं आई है.

नई खरीफ फसल से मिलेगी बड़ी राहत

अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाली खरीफ प्याज की फसल अच्छी रहेगी. नई फसल की बाजार में आवक अक्टूबर के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है. इससे प्याज की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. हालांकि, रबी प्याज की फसल को कटाई के दौरान बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ था. यही वजह है कि साल के इस समय प्याज की उपलब्धता पर असर पड़ा और कीमतों में तेजी देखने को मिली. अब सरकार बफर स्टॉक के जरिए बाजार में सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है. अगर खरीफ प्याज की नई फसल समय पर और अच्छी मात्रा में बाजार में आती है, तो आने वाले हफ्तों में आम लोगों को प्याज की बढ़ी कीमतों से कुछ और राहत मिलने की उम्मीद है.

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