उत्तर प्रदेश की सभी बड़ी नदियां उफान पर हैं. बाढ़ के पानी का कहर 150 से ज्यादा गांवों देखा जा रहा है. राज्य के 26 जिलों में बाढ़ के चलते 3.53 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. चित्रकूट में 800 प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि जो लोग बेघर हुए हैं उन्हें जमीन का पट्टा मिलेगा और किसानों को उनकी बर्बाद फसलों के लिए मुआवजा दिया जाएगा. प्रभावित जिलों को जिलाधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है.
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में बाढ़ से प्रभावित 800 परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सहायता राशि और राहत सामग्री का वितरण किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कई जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए रविवार को कहा कि उनकी सरकार बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें और डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है.
11 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलें जलमग्न
उत्तर प्रदेश में इस समय बाढ़ की स्थिति कई जिलों में बनी हुई है. हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि पांच जिलों बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, मऊ और देवरिया में 11,358 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन जलमग्न हुई है. जबकि, राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई हजार हेक्टेयर खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं. इनमें धान, मक्का, ज्वार और दलहन फसलें शामिल हैं.
राज्य आपदा मोचक निधि से मिलेगा पैसा
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत सहायता और कृषि निवेश अनुदान देने के लिए राज्य आपदा मोचक निधि से धनराशि जारी करने के आदेश दिए हैं. राहत आयुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड में 2 सितंबर को चित्रकूट और अगस्त में बलिया समेत कई जिलों के लिए धन आवंटन दर्ज है. इसके अलावा पूरे यूपी के पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि देने के लिए जिलाधिकारियों से नुकसान आकलन रिपोर्ट मांगी गई है.
22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा
आपदा राहत मानकों के अनुसार 33 फीसदी या उससे अधिक फसल नुकसान पर असिंचित फसल के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाता है. वहीं, सिंचित फसल के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने का प्रावधान है. वहीं बहुवर्षीय फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता दी जाती है.