Onion Price Hike: देश में प्याज की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. पिछले एक महीने में कई APMC मंडियों में प्याज के थोक भाव करीब दोगुने हो गए हैं. फिलहाल अलग-अलग बाजारों में प्याज का भाव करीब 32 से 50 रुपये प्रति किलो तक चल रहा है. वहीं, देश में प्याज का औसत खुदरा भाव बढ़कर 50.5 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. हालांकि, कारोबारियों का मानना है कि कर्नाटक की नई फसल की आवक शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है.
रबी फसल कम और भंडारण में प्याज खराब होने का असर
प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे देर से तैयार हुई रबी फसल और भंडारण में प्याज के खराब होने को बड़ी वजह माना जा रहा है. प्रमुख प्याज मंडियों में पिछले एक सप्ताह के दौरान भाव में करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी बताई गई है. देर से तैयार हुई रबी प्याज की फसल कम रही. इसके अलावा भंडारण में रखे प्याज का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा खराब होने से बाजार में उपलब्धता प्रभावित हुई है. बेमौसम बारिश के बाद मई और जून की असामान्य गर्मी ने भी प्याज की गुणवत्ता और भंडारण को प्रभावित किया.
किसानों ने रोका प्याज, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े दाम
मौजूदा ऊंचे भाव का फायदा लेने के लिए कुछ किसान अपना प्याज रोककर धीरे-धीरे बाजार में ला रहे हैं. इससे मंडियों में रोजाना होने वाली आवक पर भी असर पड़ रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक किसानों को भी बढ़ती खेती और भंडारण लागत को पूरा करने के लिए बेहतर भाव की जरूरत है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय प्याज की कीमतें बढ़ी हैं. भारतीय प्याज की कीमत 600 डॉलर प्रति टन से अधिक बताई जा रही है, जबकि पाकिस्तान ने निर्यात के लिए न्यूनतम कीमत करीब 450 डॉलर प्रति टन रखी है. पाकिस्तान में फसल कमजोर रहने से वैश्विक बाजार में भी मांग बढ़ी है.
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कर्नाटक की नई फसल से मिल सकती है राहत
कारोबारियों को उम्मीद है कि कर्नाटक की नई प्याज फसल अगले करीब दो सप्ताह में बाजार में पहुंचनी शुरू हो सकती है. इससे मंडियों में प्याज की आवक बढ़ेगी और कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. जानकारों के अनुसार, अगर कर्नाटक में सामान्य उत्पादन का करीब 60 प्रतिशत भी प्याज पैदा होता है, तो मौजूदा बाजार स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है. नई आवक बढ़ने पर किसानों के पास ऊंचे भाव की उम्मीद में प्याज रोककर रखने की वजह भी कम हो सकती है.
खुदरा भाव 50.5 रुपये किलो, उत्पादन में मामूली कमी
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव 50.5 रुपये प्रति किलो रहा. पिछले सप्ताह के मुकाबले इसमें करीब 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. कुछ इलाकों में प्याज 82 रुपये प्रति किलो तक बिकने की जानकारी है. महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र और कुछ राज्यों की ओर से 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने की पहल भी की गई है. कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, 2025-26 में देश में प्याज उत्पादन करीब 3.037 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह करीब 3.077 करोड़ टन था. यानी उत्पादन में मामूली गिरावट का अनुमान है. फिलहाल ऊंची कीमतों के बीच कर्नाटक की नई फसल बाजार में आने से आने वाले हफ्तों में सप्लाई बढ़ने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है.