खेती को केमिकल फ्री बनाने की पहल केंद्र सरकार ने खेत बचाओ अभियान के तहत जून में शुरू की थी, जिसके नतीजे भी जमीन पर दिखने लगे हैं. कृषि मंत्रालय के साथ ही निजी कृषि उत्पादन बनाने वाली कंपनियों और संस्थाओं ने भी किसानों को केमिकल के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करके केमिकल फर्टिलाइजर इस्तेमाल घटाने में कामयाबी हासिल की है. इसी क्रम में जैविक उत्पाद बनाने वाली आईपीएल बायोलॉजिकल्स ने 50 हजार किसानों को केमिकल खाद इस्तेमाल को 50 फीसदी तक घटाने में मदद की है.
50 हजार किसानों तक पहुंची केमिकल फ्री खेती की कहानी
जैविक उत्पाद बनाने वाली आईपीएल बायोलॉजिकल्स के प्रेसीडेंट हर्ष वर्धन भागचंदका ने किसान इंडिया को बताया कि खेत बचाओ अभियान के तहत उनकी कंपनी की ओर से जा रही पहलों और किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को सफलता मिल रही है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 30 से 50 फीसदी तक केमिकल फर्टिलाइजर कम इस्तेमाल की अपील किसानों से की थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी कंपनी की मदद 50 हजार से अधिक किसानों को जैविक खाद के फायदे और केमिकल खाद के नुकसान के बारे में जागरूक किया.
किसानों ने केमिकल इस्तेमाल घटाया
उन्होंने कहा कि देशभर में 50 हजार किसानों को जागरूक करने का नतीजा यह रहा है कि तेजी से उन किसानों ने केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल घटाया है. कुछ किसानों ने 50 फीसदी तक केमिकल खाद का इस्तेमाल घटा दिया है और वह जैविक खाद की तरफ लौट रहे हैं. ऐसे किसानों ने जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को अपनाने में तेजी दिखाई है. उन्होंने कहा कि सरकार और निजी संस्थाओं की मदद से देश में टिकाऊ कृषि को लेकर एक नई दिशा और गति मिली है.
उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से जैविक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित करने में सहायता देने का काम कर रहे हैं. हमारे लिए खेत बचाओ अभियान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के लिए अधिक टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा में यह एक आंदोलन है. उन्होंने बताया कि आईपीएल बायोलॉजिकल्स की टीमें किसान बैठकों, जागरूकता कार्यक्रमों, खेत प्रदर्शन (फील्ड डेमोंस्ट्रेशन) और संवादात्मक सत्रों के जरिए किसानों को जागरूक करती हैं.
धीरे धीरे शिफ्टिंग से नुकसान कम होगा
हमारे जागरूकता कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य किसानों को यह समझाना रहा है कि स्थिरता और उत्पादकता एक साथ हासिल की जा सकती हैं. व्यावहारिक मार्गदर्शन के माध्यम से हम यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि जैविक उत्पाद पारंपरिक कृषि के पूरक के रूप में कैसे कार्य कर सकते हैं, पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग में सहायता कर सकते हैं, मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को बढ़ा सकते हैं और अत्यधिक रासायनिक इनपुट पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं, वह भी फसल उत्पादन को प्रभावित किए बिना. उन्होंने कहा कि केमिकल इस्तेमाल से खेती करने वाले किसानों को धीरे-धीरे शिफ्ट किया जा रहा है ताकि उन्हें उत्पादन, लागत और कमाई के लिहाज से नुकसान न हो.
सालाना 7 लाख किसान टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहे
हर्ष वर्धन भागचंदका ने कहा कि खेत बचाओ अभियान के अलावा हम अपने किसान संपर्क कार्यक्रमों, खेत प्रदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण पहलों के जरिए हर साल लगभग 6-7 लाख किसानों से जुड़ते हैं. यह निरंतर जुड़ाव वैज्ञानिक नवाचारों और किसानों द्वारा उनके वास्तविक उपयोग के बीच की दूरी को कम करने में मदद करता है. वैज्ञानिक ज्ञान, किसान शिक्षा और जिम्मेदार जैविक समाधानों को एक साथ जोड़कर खेत बचाओ अभियान एक अधिक मजबूत, उत्पादक और टिकाऊ कृषि प्रणाली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
उन्होंने कहा कि आईपीएल बायोलॉजिकल्स का मूल सिद्धांत केमिकल फ्री टिकाऊ खेती रही है, जो पिछले तीन दशकों से अधिक समय से हमारा मिशन हैं. उन्होंने कहा कि आगे हमारा ध्यान किसान जागरूकता कार्यक्रमों, खेत प्रदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से किसान संपर्क को और अधिक विस्तारित करने पर रहेगा. इन पहलों के माध्यम से किसानों को संतुलित पोषण और जैविक समाधानों के लाभों को समझने में सहायता मिलेगी. रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और माइक्रोबियल उत्पादों को अपनी फसल प्रबंधन पद्धतियों में शामिल करने के बाद किसान सकारात्मक नतीजे पा रहे हैं.