असम में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. 25 जिलों के 2200 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं और 46 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है. 26 हजार से अधिक मवेशी बाढ़ की चपेट में आए हैं. बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया और बाढ़ राहत पैकेज के रूप में 379.35 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर कर दी है. पैकेज की बाकी राशि चरणबद्ध तरीके से ट्रांसफर की जाएगी. यह राशि किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों के नुकसान की भरपाई और राहत बचाव पर खर्च की जाएगी.
असम बाढ़ राहत पैकेज की अग्रिम किस्त जारी
केंद्र सरकार ने राहत के लिए 379.35 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की है, जबकि बचाव अभियान में कई एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्र ने बाढ़ प्रभावित असम को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत पहली किस्त के रूप में 379.35 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की है. इसके बाद अन्य किस्तें भी जारी की जाएंगी. यह पैसा राहत-बचाव, पुनर्वास और निर्माण समेत किसानों, ग्रामीणों के नुकसान की भरपाई के रूप में की जाएगी. असम के शिवसागर में बाढ़ प्रभावितों के लिए निशुल्क भोजन बांटा जा रहा है.
असम की बाढ़ में 82 लोगों की मौत
असम में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित ऊपरी असम के चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट में जिंदगी अभी भी पटरी पर लौटती दिखाई नहीं दे रही है. राज्य में मृतकों की कुल संख्या 82 है. बाढ़ से वर्तमान समय में अभी भी कुल 7 जिले बुरी तरह से प्रभावित हैं. बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है. असम में बाढ़ का पानी घटने लगा है, लेकिन धेमाजी और शिवसागर समेत कई जिलों में नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
ब्रह्मपुत्र की बाढ़ की चपेट में 25 जिले
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार पूर्वोत्तर राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. दिखौ नदी एवं धनसिरि नदी इलाके में खतरे के निशान से अभी भी ऊपर बह रही है. जबकि, ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ की चपेट में राज्य के 25 जिले हैं. राज्य में बाढ़ के कारण 11 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए हैं. 11 जिलों शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग और नागांव में सर्वाधिक लोग प्रभावित हुए हैं. असम के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से दूरदराज इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
48 हजार हेक्टेयर में खड़ीं फसलें बाढ़ की चपेट में
असम में बाढ़ से प्रभावित 25 जिलों में 48,742 हेक्टेयर हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है, जिससे किसानों की धान सहित कई खरीफ फसलें बुरी तरह प्रभावित और खराब हुई है. यह स्थिति ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने और कई तटबंधों के टूटने के कारण उत्पन्न हुई है. विभिन्न जिलों में आई बाढ़ के कारण लगातार फसल और संपत्ति का नुकसान हो रहा है. सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ है. चाय बागान, जूट की फसल, बांस, धान और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
Update on #AssamFloods | 2 Aug
Our relief efforts aided by recent announcements are in full swing.
We will take care of all those affected and facilitate their return back home. https://t.co/SSVmY3gXtZ pic.twitter.com/kqYt42S6Ny
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 2, 2026
बाढ़ में घिरे 2255 गांव, हजारों मवेशी बहे
असम सरकार के अनुसार राज्य में बाढ़ से 2255 गांवों में पानी में भर गया है और सड़क, पुलिया आदि ढांचा बुरी तरह टूट गया है. 2297 घर पूरी तरह ढह चुके हैं और 9926 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए 215 से ज्यादा राहत शिविर बनाए हैं, जहां अभी लगभग 71,000 से ज्यादा