Maize Harvesting: मक्का की फसल तैयार होते ही किसानों को सबसे ज्यादा खुशी होती है, लेकिन यही समय सबसे ज्यादा सावधानी का भी होता है. कई बार किसान जल्दी में कच्ची या हल्की नमी वाली बालियों की तोड़ाई कर लेते हैं, जिसके बाद भंडारण के दौरान फंगस लगने से पूरी फसल खराब हो जाती है. यही गलती किसानों को लाखों का नुकसान पहुंचा सकती है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, अगर मक्का की तोड़ाई सही समय पर की जाए और बालियों को पतली परत में अच्छी तरह सुखाया जाए, तो फंगस की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. सही तकनीक अपनाकर किसान उपज की गुणवत्ता और बाजार भाव दोनों बेहतर रख सकते हैं.
तोड़ाई में जल्दबाजी बनी फंगस की सबसे बड़ी वजह
डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार मक्का की बालियों में फंगस लगने की सबसे बड़ी वजह नमी में तोड़ाई करना है. कई किसान फसल पकने से पहले ही भुट्टे तोड़ लेते हैं, जबकि उस समय ऊपर की परत में नमी बनी रहती है. जब बालियों की बाहरी लेयर पूरी तरह हरी से सफेद और सूखी न हो, तब तक तोड़ाई नहीं करनी चाहिए. अगर इस अवस्था से पहले तोड़ाई कर ली जाए, तो अंदर की नमी दानों में फंगस पैदा कर देती है. इसलिए किसानों को सलाह है कि बालियों के पूरी तरह सूखने का इंतजार करें. इससे दाने मजबूत, चमकदार और सुरक्षित रहते हैं.
तोड़ाई के बाद सुखाने का सही तरीका बहुत जरूरी
कई बार किसान सही समय पर तोड़ाई तो कर लेते हैं, लेकिन बाद में भंडारण से पहले सुखाने में गलती कर बैठते हैं. यही वजह है कि ऊपर से सूखी दिखने वाली बाली अंदर से नम रह जाती है. विशेषज्ञ के अनुसार तोड़ाई के बाद बालियों को मोटी ढेर में रखने के बजाय पतली परत में फैलाकर सुखाना चाहिए. इससे हर दाने तक हवा पहुंचती है और अंदर की नमी भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है. अगर मोटी परत में रखा गया, तो अंदर गर्मी और नमी फंगस को बढ़ावा देती है. इसलिए खुले, हवादार और सूखे स्थान पर नियमित पलटाई करते हुए सुखाना सबसे बेहतर तरीका है.
भंडारण में यह छोटी लापरवाही कर सकती है बड़ा नुकसान
डॉ. मिश्रा बताते हैं कि भंडारण के समय किसानों को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए. कई बार पूरी तरह सूखने से पहले ही बालियों को बोरी या बंद कमरे में रख दिया जाता है. ऐसे में अंदर बची हल्की नमी तेजी से फंगस बना देती है, जिससे दानों का रंग बदल जाता है और गुणवत्ता गिर जाती है. बाजार में ऐसे मक्के का भाव भी कम मिलता है. इसलिए भंडारण से पहले यह जरूर देखें कि दाने अच्छी तरह सूखे हों. साफ, सूखी और ऊंची जगह पर भंडारण करें ताकि जमीन की नमी फसल तक न पहुंचे.
पौधे का बचा हिस्सा भी बन सकता है कमाई का सहारा
मक्के की फसल में सिर्फ दाने ही नहीं, बल्कि पौधे का बचा हिस्सा भी किसानों के लिए फायदेमंद होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, जब बालियां तैयार हो जाएं तो ऊपर के सूखते तने और पत्तियों को काटकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे एक तरफ खेत जल्दी साफ होता है और दूसरी तरफ पशुओं के लिए हरा-सूखा चारा भी मिल जाता है. साथ ही ऊपर का हिस्सा हटने से बाकी भुट्टे तेजी से सूखते हैं, जिससे फंगस का खतरा और कम हो जाता है.