आलू पर पाला-शीतलहर का नहीं होगा असर, झुलसा रोग से बचाने के लिए खेत में करें धुआं

बढ़ती शीतलहर के कारण आलू के साथ-साथ सरसों की फसल प्रभावित हो सकती है. खासकर आलू की अगेती फसल, जिसकी खुदाई इन दिनों हो रही है, पाले और कोहरे की वजह से झुलसा रोग  के खतरे में है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 12 Dec, 2025 | 03:31 PM

Potato cultivation: कड़ाके की ठंड के साथ पाला और शीतलहर ने आलू किसानों की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि आलू की फसल में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे किसानों को पैदावार में गिरावट आने का भय सता रहा है. पर किसानों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. दरअसल, हम कुछ ऐसे देसी उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाते ही आलू की फसल पर पाला और शीतलहर का असर नहीं पड़ेगा. साथ ही पैदावार भी बढ़ जाएगी. बड़ी बात यह है कि इसके लिए किसानों को ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ेगा.

दरअसल, झुलसा रोग आलू की फसल के लिए बहुत ही खतरनाक बीमारी है. औसत से ज्यादा ठंड पड़ने पर इस रोग के लगने की आशंका  रहती है. ऐसे यह एक फफूंद जनित रोग है. इसकी चपेट में आने से आलू की पत्तियां काली पड़ जाती हैं, पौधे मुरझाने लगते हैं और बाद में फसल सड़ने लगती है. कई बार यह किसानों को भारी नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि पैदावार में गिराट आ जाती है.

आलू के साथ सरसों पर भी असर

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ती शीतलहर के कारण आलू के साथ-साथ सरसों की फसल प्रभावित हो सकती है. खासकर आलू की अगेती फसल, जिसकी खुदाई इन दिनों हो रही है, पाले और कोहरे की वजह से झुलसा रोग  के खतरे में है. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. कृषि वैज्ञानिक कुछ खास उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी आलू की फसल को इस बीमारी और ठंड से बचा सकते हैं.

झुलसा रोग से आलू की फसल को बचाने के लिए किसान करें ये उपाय

धुआं करें: खेत के किनारे गोबर, सूखी लकड़ी या पराली जलाकर धुआं करने से खेत के ऊपर एक परत बन जाती है, जो तापमान को गिरने से रोकती है.

फसल को ढकें: आलू की फसल को तिरपाल, प्लास्टिक शीट या पराली से ढकने पर पाले का सीधा असर नहीं होता.

सिंचाई करें: ठंड और पाले के समय मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है. शाम को हल्की सिंचाई करने से खेत का तापमान बढ़ जाता है और पाला कम असर करता है.

पाला रोधी रसायन: सल्फ्यूरिक एसिड जैसे पाला रोकने वाले रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है, लेकिन यह काम विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें.

पोषक तत्वों का संतुलन: पाले के समय पौधों की सहनशक्ति बढ़ाने के लिए पोटाश देना फायदेमंद है, क्योंकि यह पौधों को ठंड सहने में मदद करता है. यानी इन उपायों से किसान ठंड के मौसम में भी अपनी आलू की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 12 Dec, 2025 | 03:31 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल कौन सी है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
2585 रुपये प्रति क्विंटल
विजेताओं के नाम
रंजीत महतो- विष्णुपुर, हजारीबाग, झारखंड

लेटेस्ट न्यूज़

Bihar Fish Feed Production Reaches 50000 Tonnes Fish Farming Business

मछली से जुड़े इस कारोबार में बिहार का बजा डंका, किसानों की बढ़ गई कमाई.. लोगों को मिला रोजगार

Fusarium Wilt Disease In Watermelon Muskmelon Crops Treatment Trichoderma Fungal Infection Control

तरबूज-खरबूजे की फसल में तेजी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी! समय रहते नहीं संभले तो होगा भारी नुकसान

Tips And Tricks How To Identify Chemically Ripened Mangoes Fssai Advisory For Fruits Calcium Carbide Se Pake Aam Ki Pehchan

बाजार से आम खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! इस आसान टेस्ट से मिनटों में करें कार्बाइड से पके आम की पहचान

Bihar Ministers List 2026 Full Cabinet Reshuffle Samrat Choudhary Government

राम कृपाल यादव से छिना कृषि विभाग, विजय सिन्हा को दोबारा मिली कमान, देखें किसको मिला कौन सा विभाग

Up Become India Biggest Fruit Export Hub Shivraj Big Announcement Fruit Horizon 2026

UP बनेगा फलों का सुपरहब… फ्रूट होराइजन 2026 से किसानों और निर्यातकों को मिला बड़ा विजन

Mung Ki Kheti Moong Seed Treatment Before Sowing Organic Methods Trichoderma Benefits To Increase Crop Yield

किसान ध्यान दें! मूंग बोने से पहले बीजों पर डालें ये चीज, फसल में नहीं लगेगी बीमारी, पैदावार भी होगी दोगुनी!