दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट बनेगा भारत में! 700 करोड़ की अमूल परियोजना से 1.25 लाख किसानों को फायदा

भारत में डेयरी क्षेत्र को नई रफ्तार मिलने वाली है. 700 करोड़ रुपये की अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के तहत दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र बनेगा. इसमें रोजाना 30 लाख लीटर दूध प्रोसेस होगा और 1.25 लाख से अधिक दुग्ध किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 19 Jul, 2026 | 04:20 PM

भारत के डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के तहत दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी. करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक डेयरी प्लांट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि और श्वेत क्रांति 2.0 के विजन को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है. इस परियोजना से डेयरी उत्पादन बढ़ने के साथ लाखों किसानों को बेहतर बाजार और आय के नए अवसर मिलने की उम्मीद है.

700 करोड़ की परियोजना में रोजाना 30 लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस

अमूल बंगाल डेयरी परियोजना  के तहत हावड़ा फूड पार्क में अत्याधुनिक डेयरी संयंत्र स्थापित किया जा रहा है. इस प्लांट में प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जाएगा. यहां रोजाना 10 लाख किलोग्राम दही और अन्य कल्चर्ड डेयरी उत्पादों का उत्पादन करने की क्षमता होगी. इस संयंत्र में प्रतिदिन 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध, 2 लाख लीटर यूएचटी दूध, 1 लाख लीटर आइसक्रीम, 20 मीट्रिक टन पनीर, 10 मीट्रिक टन घी, 10 मीट्रिक टन मिठाई और करीब 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन किया जाएगा. इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्रकार के गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे और राज्य में डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी.

1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों को मिलेगा लाभ

अमूल की सहकारी व्यवस्था से वर्तमान  में पश्चिम बंगाल के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हुए हैं. इनमें 30 हजार से ज्यादा महिला दुग्ध उत्पादक किसान भी शामिल हैं. राज्य में फिलहाल प्रतिदिन करीब 9 लाख लीटर दूध का संग्रह किया जा रहा है. नई डेयरी परियोजना शुरू होने के बाद किसानों को दूध बिक्री के लिए बेहतर बाजार, आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएं, मूल्य संवर्धन और स्थायी आय के अवसर मिलेंगे. सरकार का उद्देश्य डेयरी सहकारी मॉडल को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.

सहकारी समितियों को मिलेगा डिजिटल बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में विकसित  e-RCS पोर्टल का शुभारंभ किया. यह पोर्टल सहकारी समितियों के पंजीकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाएगा. इससे सहकारी संस्थाओं के कामकाज में तेजी आएगी और प्रक्रिया आसान होगी. इसके अलावा श्वेत क्रांति 2.0 के तहत नवगठित 200 से अधिक डेयरी सहकारी समितियों में से एक समिति और 11 नई बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों में से एक को पंजीकरण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया.

14 नए गोदामों का शिलान्यास, भारत टैक्सी से हुआ MoU

अमित शाह ने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना  के तहत 10 जिलों में 14 नए भंडारण गोदामों का शिलान्यास भी किया. इन गोदामों की कुल भंडारण क्षमता 1,400 मीट्रिक टन होगी. इसके साथ ही दो नए गोदामों का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम में भारत टैक्सी और पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (DoIT&E) के बीच मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ.

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