10 साल में 114 फीसदी बढ़ा विदेशी फल-सब्जियों का आयात खर्च, अमेरिका सबसे आगे
भारत में प्रीमियम विदेशी फलों और सब्जियों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. पिछले 10 वर्षों में आयात पर खर्च 114.39 फीसदी बढ़कर 3.82 अरब डॉलर हो गया, जबकि अमेरिका सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा और चीन की हिस्सेदारी लगातार घटती गई.
भारत में बदलती खानपान की आदतों और प्रीमियम फलों की बढ़ती मांग ने विदेशी फल-सब्जियों के आयात को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच फल और सब्जियों के आयात पर भारत का खर्च 114.39 फीसदी बढ़कर 1.78 अरब डॉलर से 3.82 अरब डॉलर हो गया. इसी अवधि में आयात की मात्रा 84.15 फीसदी बढ़कर 11.22 लाख टन से 20.66 लाख टन पहुंच गई. सबसे बड़ा लाभ अमेरिका को मिला, जो भारत का प्रमुख सप्लायर बनकर उभरा है.
10 साल में दोगुना से ज्यादा बढ़ा आयात का खर्च
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में विदेशी फलों और सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है. 2016-17 में जहां आयात का कुल मूल्य 1.78 अरब डॉलर था, वहीं 2025-26 तक यह बढ़कर 3.82 अरब डॉलर पहुंच गया. मात्रा के लिहाज से भी बड़ा उछाल देखने को मिला. एक दशक पहले भारत ने 11.22 लाख टन फल-सब्जियां आयात की थीं, जबकि अब यह आंकड़ा 20.66 लाख टन हो चुका है. यानी उपभोक्ताओं की पसंद में आयातित फलों और सब्जियों की हिस्सेदारी लगातार मजबूत हो रही है.
अमेरिका सबसे आगे, चीन की हिस्सेदारी घटी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत को फल और सब्जियां बेचने वाले देशों में अमेरिका सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है. अमेरिका से आयात का मूल्य 0.67 अरब डॉलर से बढ़कर 1.45 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात की मात्रा 1.90 लाख टन से 3.32 लाख टन पहुंच गई. यह करीब 74.5 फीसदी की बढ़ोतरी है. इसके उलट चीन का ग्राफ लगातार नीचे आया है. 2016-17 में चीन से 2.13 लाख टन फल-सब्जियां आयात हुई थीं, जो अब घटकर 1.03 लाख टन रह गई हैं. मूल्य के आधार पर भी चीन का निर्यात 17.69 करोड़ डॉलर से घटकर 8.26 करोड़ डॉलर रह गया, जो 53 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्शाता है.
पाकिस्तान का आयात शून्य, प्रतिबंध का दिखा असर
एक दशक पहले पाकिस्तान भारत को फल और सब्जियों का महत्वपूर्ण निर्यातक था. वर्ष 2016-17 में पाकिस्तान से लगभग 1.66 लाख टन फल-सब्जियां आयात हुई थीं, जिनका मूल्य 12.8 करोड़ डॉलर था. लेकिन 2025-26 में यह आंकड़ा पूरी तरह शून्य हो गया. रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सामानों पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते 2019-20 से आयात लगातार घटता गया और अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है.
आयात बढ़ा, फिर भी भारत बना शुद्ध निर्यातक
दिलचस्प बात यह है कि आयात बढ़ने के बावजूद भारत फलों और सब्जियों का शुद्ध निर्यातक (Net Exporter) बना हुआ है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भारत का निर्यात 2.45 अरब डॉलर से बढ़कर 3.93 अरब डॉलर हो गया है. निर्यात की मात्रा भी 49.5 लाख टन से बढ़कर 58.2 लाख टन पहुंच गई है. सरकार का मानना है कि मजबूत घरेलू उत्पादन और वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग ने भारत की स्थिति को और मजबूत किया है. अमेरिका, यूएई, ईरान, अफगानिस्तान, चिली, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के साथ अब केन्या, पेरू, सर्बिया और तुर्किये जैसे नए देश भी भारतीय बाजार में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं.