धान की खेती में चाहिए रिकॉर्ड तोड़ पैदावार? मानसून से पहले किसानों को करना होगा ये जरूरी काम
Kharif Crop Preparation: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खेत की गहरी जुताई करने और अच्छे बीज व खाद की समय पर व्यवस्था करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि नौतपा की तेज गर्मी में जुताई करने से खेतों के खरपतवार और कीट नष्ट हो जाते हैं. इसके अलावा सनई और ढैंचा जैसी हरित खाद का इस्तेमाल करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है.
Kharif 2026: खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए खेत की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण काम होता है. खासकर धान जैसी फसलों में बेहतर उत्पादन पाने के लिए समय पर जुताई, सही बीज का चयन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, किसानों को खरीफ फसल की तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. उनका कहना है कि यदि किसान मानसून आने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी कर लें, तो उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है.
नौतपा की गर्मी खेती के लिए कैसे फायदेमंद?
अक्सर किसान नौतपा की तेज गर्मी को परेशानी मानते हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यही समय खेत की तैयारी के लिए सबसे उपयुक्त होता है. गर्मियों में खेत की गहरी जुताई करने से मिट्टी में छिपे कीट-पतंगे, खरपतवार और उनके अंडे नष्ट हो जाते हैं. इससे खेत साफ और स्वस्थ बनता है, जिससे फसल पर रोग और कीटों का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है, जो पौधों की जड़ों के विकास में मदद करता है. जो किसान अभी तक जुताई नहीं कर पाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लेना चाहिए.
जमीन की प्रकृति समझकर करें फसल का चुनाव
कई बार किसान जमीन और मिट्टी को ठीक से समझे बिना फसल बो देते हैं, जिससे फसल अच्छी नहीं होती. इसलिए खेती शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि कौन-सी जमीन पर कौन-सी फसल बेहतर होगी. एक्सपर्ट के अनुसार ऊंची जमीन पर धान की खेती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वहां पानी ज्यादा देर तक नहीं रुकता. ऐसी जगहों पर दाल और तिलहन वाली फसलें लगाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इन फसलों में पानी कम लगता है और खर्च भी कम आता है.
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वहीं मध्यम और निचली जमीन वाले क्षेत्रों में किसान मध्यम अवधि और अधिक अवधि वाली धान की किस्मों की खेती कर सकते हैं. इससे बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
उन्नत बीज और खाद की पहले से करें तैयारी
खरीफ सीजन में कई बार किसानों को बीज और खाद समय पर नहीं मिल पाते, जिससे बुवाई में देरी हो जाती है और फसल पर असर पड़ता है. इसलिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून आने से पहले ही अच्छे बीज और जरूरी खाद की व्यवस्था कर लें. समय पर तैयारी होने से धान की नर्सरी और रोपाई में देरी नहीं होगी. इससे किसान मौसम का सही फायदा उठाकर बेहतर खेती कर सकेंगे.
जैविक खेती अपनाने पर जोर
आजकल खेतों में ज्यादा रासायनिक खाद डालने से मिट्टी की ताकत धीरे-धीरे कम हो रही है. ऐसे में किसानों को जैविक खेती और हरित खाद अपनाने की सलाह दी जा रही है. सनई और ढैंचा जैसी फसलें मिट्टी के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती हैं. किसान गर्मी में जुताई के समय इनके बीज खेत में बो सकते हैं. बाद में इन्हें मिट्टी में मिलाने से जमीन में प्राकृतिक पोषक तत्व बढ़ते हैं. इससे रासायनिक खाद की जरूरत कम पड़ती है और मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है.
समय पर तैयारी से मिलेगा बेहतर उत्पादन
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि खेती में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र समय पर तैयारी है. यदि किसान मौसम के अनुसार खेत तैयार करें, सही फसल चुनें और जैविक उपायों को अपनाएं, तो उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है.