मसूर की खेती वैज्ञानिक तरीके से कैसे करें, जानिए पैदावार बढ़ाने के तरीके

धान की कटाई के बाद खेतों को खाली छोड़ने के बजाय किसान मसूर की फसल लगा कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि, मसूर मिट्टी में नाइट्रोजन को स्थिर करती है, जिससे खेत की उर्वरता और अगली फसलों की उत्पादकता भी बढ़ती है. जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में.

नोएडा | Updated On: 16 Jan, 2026 | 07:38 PM

Masoor Ki Kheti: किसान अब दलहनी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इससे खेत की उर्वरता बढ़ती है और किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी होती है. कृषि एक्सपर्ट के अनुसार मसूर की खेती करना सबसे अच्छा विकल्प है. मसूर मिट्टी में नाइट्रोजन को स्थिर करती है, जिससे अगली फसलों की उत्पादकता भी बढ़ जाती है. किसान वैज्ञानिक तरीके से मसूर की खेती करते हैं, तो प्रति एकड़ 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. इस समय मसूर दाल का भाव करीब 6000 रुपये प्रति क्विंटल है. इस हिसाब से किसानों को प्रति एकड़ 24,000 से 36,000 रुपए तक की आमदनी हो सकती है.

जलवायु और उन्नत किस्में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मसूर की बुवाई के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. उन्नत किस्में जैसे- कोटा मसूर-2, पंत मसूर-4, पूसा वैभव और छत्तीसगढ़ मसूर-8 सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं. इन किस्मों से किसानों को बेहतर उपज और बाजार में अच्छा दाम मिलता है.

किस प्रकार की मिट्टी होती है उपयुक्त

मसूर की खेती के लिए बलुई दोमट और कन्हार मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. ऐसी मिट्टी में नमी संतुलित रहती है और पौधों की जड़ें अच्छी तरह विकसित होती हैं. यदि किसान छिटकवां विधि से बुवाई करते हैं, तो प्रति एकड़ 16 से 18 किलो बीज की जरूरत होती है. खेत की तैयारी करते समय निम्न खाद डालना जरूरी है.
प्रति एकड़ 1-2 टन कम्पोस्ट खाद, 50 किलो सुपर फास्फेट, 12 किलो यूरिया और 5 किलो पोटाश. इन पोषक तत्वों से फसल की वृद्धि और उपज दोनों में सुधार होता है.

बीज उपचार और कीट नियंत्रण के उपाय

मसूर की खेती में रोग और कीटों से बचाव के लिए बीजोपचार बहुत जरूरी है. बीज और मिट्टी जनित रोगों से बचाव के लिए प्रति किलो बीज पर 2 ग्राम कार्बेन्डाझिम से उपचार करें। कीट लगने पर किसान क्लोरोपायरीफॉस (50%) और साइपरमेथ्रिन (5%) का मिश्रण बना सकते हैं. इसका 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

मसूर की उपज और किसानों की आमदनी

अगर किसान इस वैज्ञानिक तरीके से मसूर की खेती करते हैं, तो प्रति एकड़ 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. वर्तमान में मसूर दाल का भाव करीब ₹6000 प्रति क्विंटल है. इस हिसाब से किसानों को प्रति एकड़ 24,000 से 36,000 रुपये तक का मुनाफा हो सकता है.

Published: 16 Jan, 2026 | 08:38 PM

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