लीची की फसल पर बड़ा खतरा! एक गलती में बर्बाद हो सकता है पूरा बाग, बचाव के लिए अपनाएं ये वैज्ञानिक उपाय
Litchi Care Advisory: लीची की फसल में इस समय फल बेधक कीट का खतरा बढ़ गया है, इसलिए समय पर कीटनाशक का छिड़काव जरूरी है. साथ ही फलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बोरॉन का प्रयोग करें. तुड़ाई से 10-12 दिन पहले अंतिम स्प्रे करना फसल को सुरक्षित रखता है. सही मात्रा, सही समय और सावधानी बरतकर किसान बेहतर उत्पादन और मुनाफा पा सकते हैं.
Litchi Crop Protection: बदलते मौसम में लीची की फसल पर कीड़े जल्दी लगने लगते हैं. खासकर शाही लीची में इस समय फल को नुकसान पहुंचाने वाले कीट (फल बेधक) ज्यादा देखने को मिलते हैं. ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते सही उपाय करें, ताकि फल खराब न हो और उत्पादन भी कम न पड़े. बिहार कृषि विभाग ने इसके लिए कुछ आसान और जरूरी सलाह दी हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी फसल को नुकसान से बचा सकते हैं.
मौसम और कीट प्रकोप का संबंध
वर्तमान मौसम की स्थिति कीटों के विकास के लिए अनुकूल मानी जा रही है. नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण फल बेधक कीट तेजी से सक्रिय हो जाते हैं. ये कीट सीधे फलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब हो जाती है और बाजार मूल्य भी घट जाता है. इसलिए समय रहते नियंत्रण जरूरी है.
फल बेधक कीट से बचाव के उपाय
लीची के फलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार निम्नलिखित विकल्प अपनाए जा सकते हैं:
- थियाक्लोप्रिड और लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन का घोल बनाकर छिड़काव करें (0.6 मि.ली./लीटर पानी)
- या फिर नोवेल्यूरॉन और इंडोक्साकार्ब का मिश्रण (1.5 मि.ली./लीटर पानी) का उपयोग करें
इन दवाओं का छिड़काव सुबह या शाम के समय करना अधिक प्रभावी होता है.
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— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) April 29, 2026
बोरॉन का छिड़काव क्यों है जरूरी?
फलों की गुणवत्ता और आकार बेहतर बनाने के लिए बोरॉन का उपयोग काफी महत्वपूर्ण होता है. इसका दूसरा छिड़काव करने से फल मजबूत होते हैं और गिरावट कम होती है.
- घुलनशील बोरॉन (जैसे सोल्यूबोर या यारा वीटा बोरॉन) का उपयोग करें
- मात्रा: 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी
- इसे कीटनाशक के साथ मिलाकर भी छिड़काव किया जा सकता है
यह उपाय फल के विकास को बढ़ाता है और उत्पादन में सुधार करता है.
अंतिम छिड़काव का सही समय
फसल को अंतिम सुरक्षा देने के लिए तुड़ाई से 10-12 दिन पहले अंतिम छिड़काव करना बेहद जरूरी होता है. इससे फलों को अंतिम समय में कीटों से बचाया जा सकता है.
नीचे दिए गए किसी एक दवा का इस्तेमाल करें:
- इमामेक्टिन बेंजोएट (0.8 ग्राम/लीटर पानी)
- स्पिनोसैड (1.6 मि.ली./15 लीटर पानी)
- स्पिनेटोरम (1.0 मि.ली./लीटर पानी)
ध्यान रखें कि, निर्धारित मात्रा का ही इस्तेमाल करें, ताकि फसल सुरक्षित रहे और किसी तरह का नुकसान न हो.
किसानों के लिए जरूरी सुझाव
- छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क और दस्ताने जरूर पहनें
- मौसम साफ होने पर ही दवा का प्रयोग करें
- अधिक मात्रा में दवा का इस्तेमाल करने से बचें
- नियमित रूप से बाग की निगरानी करते रहें
लीची की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर कीट नियंत्रण और पोषण प्रबंधन बेहद जरूरी है. यदि किसान इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाते हैं, तो वे अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी से बड़ी हानि से बचा जा सकता है.