पशु चिकित्सक ने दी चेतावनी! नया भूसा बिना फुलाये देने से पशुओं में बढ़ सकती है पेट संबंधी गंभीर समस्या

इस मौसम में नया भूसा सीधे खिलाना पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है. बिना भिगोए देने पर कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्या बढ़ सकती है. आसान सावधानी अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिससे उनका पाचन सही रहेगा और दूध उत्पादन पर भी किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 Mar, 2026 | 06:00 AM

Animal Care: पशु पालन में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान करा सकती है, खासकर तब जब बात चारे और भूसे की हो. इस समय खेतों से नया भूसा निकलकर तैयार हो रहा है और कई पशुपालक इसे सीधे जानवरों को खिलाना शुरू कर देते हैं. यही जल्दबाजी कई बार पशुओं के पेट पर भारी पड़ जाती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, नया भूसा बिना सही तरीके से तैयार किए खिलाने पर वह पेट में जाकर फूल जाता है, जिससे कब्ज, पेट दर्द और गैस जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. अगर समय रहते थोड़ी सावधानी बरती जाए, तो पशु पूरी तरह स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ेगा.

नया भूसा सीधे खिलाना क्यों पड़ सकता है भारी

पशु चिकित्सक के अनुसार, नया भूसा देखने में भले ही साफ और ताजा लगता हो, लेकिन यह काफी सूखा और हल्का होता है. जब इसे सीधे पशु खा लेते हैं, तो पेट में पहुंचकर यह नमी खींचकर फूलने लगता है. इसी वजह से कई पशुओं में कब्ज, पेट फूलना और खाना कम  करने जैसी समस्या दिखती है. खासकर दूध देने वाले पशुओं में यह परेशानी ज्यादा नुकसानदायक होती है, क्योंकि पेट खराब होने का सीधा असर दूध की मात्रा पर पड़ता है.

खिलाने से पहले 2 घंटे पानी में जरूर फूलाएं

पशु चिकित्सक के अनुसार, नए भूसे को सीधे नांद में डालने की बजाय पहले उसे करीब 2 घंटे तक पानी में भिगोकर फूलने देना चाहिए. इससे भूसा पहले ही नरम हो जाता है और पेट में जाकर ज्यादा नहीं फूलता. जिस मात्रा में आप रोज भूसा देते हैं, उससे थोड़ा कम देना बेहतर रहता है. जब भूसा अच्छी तरह नरम और फूला हुआ लगे, तभी उसे पशुओं को खिलाएं. यह आसान तरीका पेट की दिक्कतों से बचाने में बहुत असरदार माना जाता है.

मीठा सोडा और नमक भी रखेगा पेट दुरुस्त

सप्ताह में एक या दो बार चारे में थोड़ा मीठा सोडा और नमक मिलाकर देना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे पशुओं का पाचन  बेहतर रहता है और पेट में गैस या भारीपन की समस्या कम होती है. खासकर जब नया भूसा शुरू किया गया हो, तब यह तरीका और ज्यादा उपयोगी साबित होता है. इससे पशु चारा भी अच्छी तरह खाते हैं और उनका पेट लंबे समय तक सही रहता है.

सही देखभाल से दूध उत्पादन भी रहेगा बेहतर

पेट ठीक रहेगा तो पशु आराम से चारा खाएंगे, जुगाली सही करेंगे और दूध भी अच्छा देंगे. नया भूसा खिलाते समय बस थोड़ी सावधानी अपनाकर बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. सही तरीके से तैयार भूसा न सिर्फ बीमारी से बचाता है, बल्कि पशुओं की सेहत, वजन और दूध उत्पादन को भी बेहतर बनाए रखता है. इसलिए इस मौसम में नया भूसा शुरू करते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें और आसान घरेलू तरीके अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखें.

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Published: 31 Mar, 2026 | 06:00 AM
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