किसानों की उपज मार्केटिंग के लिए हर महीने चलेगा बिक्री अभियान, SHG और FPO को बढ़ावा मिलेगा 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन के अनुरूप ग्रामीणों और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही टिकाऊ और मजबूत आजीविका मॉडल विकसित किया जा रहा है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य SHG और FPO के सदस्यों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना है.

नोएडा | Published: 22 May, 2026 | 04:45 PM

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए हरियाणा सरकार स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए हर महीने विशेष मेले आयोजित करेगी. ताकि किसानों की उपज और अन्य कृषि उत्पादों की मार्केटिंग की जा सके और ज्यादा भाव मिल सके.

हरियाणा के वित्त विभाग के आयुक्त और सचिव CG रजनीकांतन ने आधिकारिक बयान में कहा कि नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर उपयुक्त स्थानों पर हर महीने विशेष एक दिवसीय बिक्री अभियान और मेले आयोजित किए जाएंगे.

SHG और FPO की चुनौतियां दूर होगीं

सचिव CG रजनीकांतन ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन के अनुरूप यह पहल ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण में बदलाव लाने विशेष रूप से महिलाओं के लिए एक टिकाऊ और मजबूत आजीविका मॉडल बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य SHG और FPO के सदस्यों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना है.

जिला प्रशासन करेगा भीड़ वाली जगहों की पहचान

उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिला स्तर पर उपयुक्त और ज्यादा भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी पक्की की जा  सके और ग्रामीण कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच मिल सके. जिला प्रशासन को जमीनी स्तर पर इस जन कल्याणकारी पहल के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया गया है.

NABARD के जिला विकास प्रबंधक को नोडल अधिकारी बनाया

सचिव ने कहा कि पूरी व्यवस्था के सुचारू रूप से लागू कराने के लिए प्रत्येक जिले में NABARD के जिला विकास प्रबंधक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जिला प्रशासन के साथ समन्वय करेंगे और प्रत्येक कार्यक्रम के लिए सभी लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का प्रबंधन करेंगे. रजनीकांतन ने नागरिकों से इन मासिक मेलों में भाग लेने और स्थानीय उत्पाद खरीदने की भी अपील की, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में सार्थक योगदान मिल सके.

ग्रामीण विकास के लिए 7840 करोड़ रुपये मिले

उन्होंने आगे कहा कि NABARD पिछले चार दशकों से हरियाणा के विकास में एक मजबूत भागीदार रहा है. ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (RIDF) के तहत राज्य को पिछले पांच वर्षों में ही लगभग 7840 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली है.

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