प्याज के बढ़ते दाम पर लगेगा ब्रेक, बफर स्टॉक से होगी सप्लाई… माल ढुलाई के लिए चलेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’
प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारेगी. सोमवार से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए कांदा एक्सप्रेस चलेगी. सरकार चरणबद्ध तरीके से प्याज बेचेगी. महाराष्ट्र में खरीफ प्याज उत्पादन 5-7 फीसदी घटने की खबर से कीमतें बढ़ी हैं. वहीं, चीनी के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं.
देश के कई हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार अब अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारेगी. कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार सोमवार से ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू करेगी. इन ट्रेनों के जरिए नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे उन शहरों में प्याज भेजा जाएगा, जहां इसकी कीमत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है. वहीं, शनिवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो हो गई. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 45 फीसदी और पिछले महीने की तुलना में 19 फीसदी ज्यादा है.
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी. वहीं, चेन्नई में प्याज 58 रुपये किलो बिक रहा है, जो पिछले साल 33 रुपये था. केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज के दाम बढ़े हुए हैं. वहीं, प्याज के साथ चीनी की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. शनिवार को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 62.5 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक महीने पहले यह 46 रुपये किलो थी. दिल्ली में चीनी 65 रुपये और मुंबई में 69 रुपये किलो तक पहुंच गई है.
सरकार को कृत्रिम तरीके से दाम बढ़ाने का शक
प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार बाजार में अपने बफर स्टॉक से प्याज उतारने की तैयारी कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, प्याज को एक साथ बड़ी मात्रा में बाजार में उतारने के बजाय चरणबद्ध तरीके से कम कीमत पर बेचा जाएगा. सरकार को आशंका है कि कुछ कारोबारी कृत्रिम तरीके से प्याज के दाम बढ़ा रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि आने वाले महीनों में मांग पूरी करने के लिए सरकार और किसानों के पास पर्याप्त प्याज का स्टॉक मौजूद है. ऐसे में सप्लाई को लेकर चिंता की कोई बड़ी वजह नहीं है.
देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
वहीं, खाद्य मंत्रालय ने भी कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सरकार का मकसद बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना और बाजार में जरूरी खाद्य वस्तुओं की सप्लाई बनाए रखना है. इससे पहले सरकार ने अक्टूबर 2024 में प्याज के बढ़ते दाम पर लगाम लगाने के लिए नासिक से दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों तक ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाई थी.
महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन घटने की खबर से बढ़े दाम
देश में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच महाराष्ट्र में खरीफ प्याज का उत्पादन 5 से 7 फीसदी तक घटने की खबर सामने आई है. महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है. बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि उत्पादन में संभावित कमी की खबरों से प्याज की कीमतों में तेजी आई है. चालू वित्त वर्ष के लिए किसान सहकारी संस्था नाफेड (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) ने बफर स्टॉक के लिए करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है. इन एजेंसियों ने मई में प्याज की खरीद कीमत 1,270 रुपये प्रति क्विंटल तय की थी. हालांकि, खरीदारी तेज करने के लिए पिछले हफ्ते इसे बढ़ाकर 2,645 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया.
प्याज उत्पादन पिछले साल के करीब
कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, 2025-26 फसल वर्ष में देश का प्याज उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान है. यह 2024-25 फसल वर्ष के उत्पादन के लगभग बराबर है. वहीं, शनिवार को खुले में बिकने वाली चीनी की खुदरा कीमत 62.5 रुपये प्रति किलो रही. यह एक साल पहले के मुकाबले 34 फीसदी ज्यादा और पिछले महीने की तुलना में करीब 28.5 फीसदी अधिक है.