हीरा उत्पादन के लिए मशहूर पन्ना जिला एक बार फिर चर्चा में है. यहां के एक आदिवासी किसान को खुदाई के दौरान 11.19 कैरेट का हीरा मिल गया. पिछले साल भी इसी किसान परिवार को हीरा मिला था. उसकी कीमत 93 लाख रुपये आंकी गई थी. इस बार फिर से हीरा मिलने से किसान परिवार करोड़पति बन गया है. किसान ने कहा कि वह हीरे से मिलने वाली रकम को नई खदानें खरीदने में खर्च करेंगे.
आदिवासी किसान को 30 लाख कीमत हीरा मिला
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक आदिवासी किसान राकेश गौड़ को एक खदान से सोमवार को 11.19 कैरेट का एक हीरा मिला. स्थानीय प्रशासनिक अधिकारों ने मीडिया से बताय कि किसान परिवार को खुदाई में हीरा मिला है. इस हीरे की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है. हीरा मिलने से उत्साहित परिवार के सदस्य राजू आदिवासी ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से खदानों में खुदाई कर रहा है.
दो साल पहले 93 लाख की कीमत का मिला था हीरा
अधिकारियों ने कहा कि इसी किसान परिवार को साल 2024 में 19.22 कैरेट का एक बड़ा हीरा मिला था, जो शासकीय नीलामी में 93 लाख रुपये में बिका था. अब दोबारा हीरा मिलने से किसान परिवार को दोनों हीरों को मिलाकर करोड़ों की रकम हासिल होगी. हालांकि, ताजा हीरे को शासकीय नीलामी में बेचा जाएगा. उसके बाद किसान को रकम दी जाएगी.
दो महीने की खुदाई के बाद मिला हीरा
हीरा कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार मजदूर राकेश गौड़ ने इसी वर्ष अप्रैल में अहिरगवां क्षेत्र में पट्टा लेकर अपने तीन भाइयों और कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर खदान में खुदाई शुरू की थी. अधिकारियों ने बताया कि करीब दो महीने की मेहनत के बाद सोमवार को परिवार को चमचमाता हीरा मिला, जिसे उन्होंने तत्काल सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया.
रॉयल्टी काटकर बाकी रकम किसान परिवार को मिलेगी
पन्ना के हीरा निरीक्षक नूतन जैन ने मीडिया को बताया कि परिवार की ओर से जमा कराया गया यह 11.19 कैरेट का हीरा, जेम्स क्वालिटी का है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि नियमानुसार इस हीरे को आगामी शासकीय नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा और नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी काटने के बाद शेष रकम संबंधित परिवार के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी.
आदिवासी किसान परिवार की गरीबी दूर हुई
हीरा मिलने से उत्साहित परिवार के सदस्य राजू आदिवासी ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से खदानों में खुदाई कर रहा है. उन्होंने बताया कि दो वर्ष पहले मिले 19.22 कैरेट के हीरे की बिक्री से प्राप्त राशि से परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ लेकिन उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि वह आगे भी खुदाई करते रहेंगे और हीरों की खोज में जुटे रहेंगे.
हीरे की राशि को नई खदाने खरीदने में खर्च करेंगे राकेश
आदिवासी किसान राकेश गौड़ ने कहा कि इस बार हीरे की नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग नई खदानें पट्टे पर लेने और आगे भी अपनी किस्मत आजमाने में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनका परिवार हीरा ढूंढने के लिए खुदाई कार्य में जुटा रहता है. पन्ना जिला अपनी हीरा खदानों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है, जहां समय-समय पर स्थानीय लोगों को बहुमूल्य हीरे मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं.