गलत मात्रा में खाद तो नहीं डाल रहे आप? जान लें 1 एकड़ में कितनी जैविक खाद देगी दोगुनी पैदावार!

Tip Of The Day : जैविक खेती में सही मात्रा में खाद देना बेहद जरूरी है. आम तौर पर 1 एकड़ में 250-300 किलो खाद पर्याप्त होती है, जबकि कुछ फसलों के लिए यह 500 किलो तक जा सकती है. बुवाई से पहले खाद मिलाने और मिट्टी की जांच करने से कम लागत में बेहतर पैदावार और मिट्टी की उर्वरता दोनों बढ़ती हैं.

नोएडा | Updated On: 27 Apr, 2026 | 07:52 PM

Organic Fertilizer: खेती में बेहतर पैदावार पाने के लिए सिर्फ मेहनत काफी नहीं होती, बल्कि सही जानकारी होना भी उतना ही जरूरी है. खासकर जब बात जैविक खाद की आती है, तो उसकी सही मात्रा तय करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. अक्सर किसान बिना माप-तोल के अंदाजे से खाद डाल देते हैं, जिससे या तो उनका खर्च बढ़ जाता है या फिर फसल को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. यही वजह है कि बुवाई से पहले यह समझना जरूरी है कि कितनी मात्रा में खाद डालना सबसे सही रहेगा.

जैविक खाद क्यों है जरूरी?

जैविक खाद धीरे-धीरे मिट्टी में मिलकर पौधों को लंबे समय तक पोषण देती है. यह न केवल फसल को मजबूत बनाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता बढ़ती है और लाभकारी सूक्ष्मजीव सक्रिय होते हैं. यही कारण है कि जैविक खाद से उगाई गई फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है.

हर फसल के लिए अलग मात्रा

जैविक खेती में एक ही मात्रा सभी फसलों पर लागू नहीं होती. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सी फसल उगा रहे हैं, मिट्टी की गुणवत्ता कैसी है और आप किस प्रकार की खाद का उपयोग कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच करवाना और फसल की जरूरत को समझना जरूरी है. गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और नीम आधारित खाद सभी अलग-अलग पोषक तत्व प्रदान करते हैं, इसलिए उनकी मात्रा भी अलग तय की जाती है.

1 एकड़ में कितनी जैविक खाद डालें?

आमतौर पर 1 एकड़ खेत में जैविक खाद की मात्रा सैकड़ों किलो में होती है, लेकिन यह खाद के प्रकार और फसल पर निर्भर करती है.

इसके अलावा, वर्मी कम्पोस्ट या कम्पोस्ट को मिट्टी की ऊपरी परत में 2 से 3 इंच तक अच्छी तरह मिलाना चाहिए, ताकि पौधों को धीरे-धीरे पोषण मिलता रहे.

बुवाई से पहले कैसे करें सही इस्तेमाल?

जैविक खाद का सही समय पर इस्तेमाल करना भी उतना ही जरूरी है जितनी उसकी मात्रा. खेत की आखिरी जुताई के समय खाद डालकर उसे मिट्टी में अच्छी तरह मिला देना चाहिए. इससे खाद सड़कर तैयार हो जाती है और पौधों को समय पर पोषण मिल पाता है. क्योंकि जैविक खाद धीरे-धीरे असर दिखाती है, इसलिए इसे बुवाई से पहले डालना सबसे बेहतर माना जाता है.

कम लागत में ज्यादा मुनाफा

अगर किसान सही मात्रा और सही समय पर जैविक खाद का उपयोग करें, तो कम खर्च में भी अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है. इससे न केवल फसल की गुणवत्ता सुधरती है, बल्कि मिट्टी भी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है. जैविक खेती में सफलता का राज सही मात्रा और सही तरीके से खाद के उपयोग में छिपा है. यदि किसान बुवाई से पहले सही योजना बना लें और मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद डालें, तो वे कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं और खेती को एक लाभदायक व्यवसाय बना सकते हैं.

Published: 28 Apr, 2026 | 06:00 AM

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