PR किस्मों की मांग हुई कम, किसान ‘पूसा बासमती 1509’ की कर रहे खेती.. जानें वजह
हरियाणा में पूसा बासमती 1509 की खेती तेजी से बढ़ रही है. बेहतर दाम और कम लागत के कारण किसान PR किस्मों की जगह इसे अपना रहे हैं. 2025 में इसका भाव 2,300-3,300 रुपये प्रति क्विंटल रहा. करनाल में 4.70 लाख एकड़ में धान खेती होती है, जिसमें बासमती का रुझान बढ़ा है.
Paddy Cultivation: हरियाणा में पिछले धान सीजन में बेहतर दाम और मुनाफा मिलने के बाद इस बार किसानों में पूसा बासमती 1509 किस्म की खेती को लेकर रुझान बढ़ गया है. बड़ी संख्या में किसान अब पारंपरिक PR किस्मों की जगह इस पूसा बासमती 1509 किस्म को चुन रहे हैं. किसानों का कहना है कि इसमें अच्छी पैदावार, जल्दी पकने और कम पानी की जरूरत जैसी खूबियां हैं, जिससे इसकी खेती आसान और फायदेमंद हो रही है.
मंडियों के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के धान सीजन में पूसा बासमती 1509 का भाव 2,300 से 3,300 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा, जबकि 2024 में यह 2,000 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच था. बेहतर कीमतों के चलते किसानों का भरोसा बढ़ा है और इस किस्म का रकबा भी तेजी से बढ़ रहा है. कृषि उपनिदेशक (DDA) डॉ. वजीर सिंह ने ‘द ट्रिब्यून’ से कहा कि करनाल जिले में लगभग 4.70 लाख एकड़ जमीन पर धान की खेती होती है. इसमें करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र में PR किस्मों की और 40 प्रतिशत क्षेत्र में बासमती किस्मों की खेती की जाती है.
क्या कहते हैं कृषि उपनिदेशक
उन्होंने कहा कि किसानों ने धान की नर्सरी तैयार करना शुरू कर दिया है. असली स्थिति ट्रांसप्लांटेशन यानी रोपाई पूरी होने के बाद ही साफ होगी, लेकिन शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि इस बार कई किसान पूसा बासमती 1509 किस्म की ओर ज्यादा रुझान दिखा रहे हैं. किसानों ने कहा कि इस बार वे पूसा बासमती 1509 धान किस्म की खेती ज्यादा क्षेत्र में कर रहे हैं. किसान अमन ने कहा कि उन्होंने पिछले साल सिर्फ 2 एकड़ में यह किस्म लगाई थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 10 एकड़ कर दिया है.
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8 एकड़ में बासमती 1509 की नर्सरी तैयार
उनके अनुसार यह फसल जल्दी तैयार हो जाती है और इसमें पानी की जरूरत भी कम होती है, जिससे खेती की लागत घट जाती है. साथ ही पिछले सीजन में इस किस्म से PR किस्मों की तुलना में बेहतर मुनाफा मिला था. एक अन्य किसान यशबीर ने भी बताया कि उन्होंने इस बार 8 एकड़ के लिए पूसा बासमती 1509 की नर्सरी तैयार की है, जबकि पिछले साल यह सिर्फ 4 एकड़ में थी. उनका कहना है कि पिछले साल अच्छे लाभ मिलने के कारण इस किस्म की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है और अधिक किसान इसे अपनाने लगे हैं.
किसानों को हो रहा ज्यादा मुनाफा
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़तिया एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने भी कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान PR किस्मों की बजाय पूसा बासमती 1509 की रोपाई को प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले धान खरीद सीजन में इस किस्म से किसानों को अच्छा मुनाफा मिला था. इसी वजह से इस बार भी किसान बेहतर कमाई की उम्मीद में 1509 किस्म को ज्यादा चुन रहे हैं.
किसान इन किस्मों की कर रहे खेती
किसान इस समय पूसा बासमती 1509 और 1121 के अलावा पूरा 1718, पूरा 1692 जैसी किस्मों की रोपाई भी कर रहे हैं. इसके साथ ही PR किस्मों जैसे PR-114, PR-126, PR-131 और हाइब्रिड PR किस्मों 7501 और 2222 की भी खेती की जा रही है. कुछ किसानों का कहना है कि बासमती किस्मों की ओर बढ़ता रुझान पिछले साल करनाल में हुए कथित धान खरीद घोटाले से भी जुड़ा है. किसानों के अनुसार, सरकारी खरीद प्रक्रिया के दौरान कुछ किसानों के नाम पर फर्जी गेट पास बनाए गए थे, जिसके बाद कई किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.