किसानों की बढ़ेगी कमाई, सरकार 8 प्रीमियम धान की किस्मों को करेगी प्रमोट.. विदेशों में है भारी मांग
तेलंगाना सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 8 प्रीमियम धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने का फैसला किया है. विशेषज्ञों के अनुसार इन किस्मों के चावल की भारत के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में भी अच्छी मांग है. सरकार का मानना है कि इनकी खेती से किसानों को MSP से अधिक दाम और बेहतर मुनाफा मिल सकता है.
Premium Rice Variety: किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार ने राज्य में 8 प्रीमियम धान की किस्मों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इन किस्मों के चावल की देश के साथ-साथ विदेशों में भी अच्छी मांग है. खासकर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन किस्मों को बड़े स्तर पर निर्यात किया जा सकता है. इससे किसानों को MSP से अधिक दाम मिल सकते हैं और उनकी कमाई बढ़ सकती है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को आयोजित बैठक में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने कहा कि इन धान किस्मों के चावल की देश और विदेश में अच्छी मांग है. इसलिए किसानों को इनकी खेती से बेहतर दाम और अधिक मुनाफा मिल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार BPT 5204, तेलंगाना सोना (RNR 15048), KNM-1638, जय श्री राम, HMT, WGL 962, WGL 44 और JGL 1798 जैसी धान की किस्में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कहीं अधिक कीमत दिला सकती हैं. सरकार का मानना है कि इन किस्मों की खेती बढ़ने से किसानों की आय में सुधार होगा और उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल सकेंगे.
जागरूकता अभियान चलाएगी सरकार
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, जो कृषि संबंधी कैबिनेट उपसमिति के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि सरकार किसानों को इन प्रीमियम धान किस्मों की खेती के फायदे समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बाजार की मांग के अनुसार अधिक लाभकारी बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है. इसका उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनकी बाजार में अधिक मांग हो और बेहतर कीमत मिल सके.
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इन देशों में है भारी डिमांड
विशेषज्ञों ने कैबिनेट उपसमिति को बताया कि इन धान किस्मों से तैयार होने वाले चावल की अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काफी मांग है. उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार किसानों को बड़े पैमाने पर इन किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठाए. विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इन सभी किस्मों के बीज बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए किसानों को बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इससे इन प्रीमियम किस्मों का रकबा बढ़ाने में आसानी होगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
कुछ धान किस्मों की बाजार में मांग नहीं है
कृषि संबंधी कैबिनेट उपसमिति में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के अलावा उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू, नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव शामिल हैं. बैठक में नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में उगाई जा रही कुछ धान किस्मों की बाजार में मांग नहीं है. अधिकारियों के अनुसार, कई किस्मों के चावल उपभोक्ताओं की पसंद में शामिल नहीं हैं. इसके अलावा, इन किस्मों के चावल मिलिंग (चावल निकालने की प्रक्रिया) के दौरान अधिक टूट जाते हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य प्रभावित होता है. इसी वजह से सरकार उन धान किस्मों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, जिनकी बाजार में बेहतर मांग है और किसानों को अधिक कीमत मिल सकती है.
किसानों की कमाई में होगी बढ़ोतरी
अधिकारियों ने कैबिनेट उपसमिति को सलाह दी कि धान खरीद (पैडी प्रोक्योरमेंट) की व्यवस्था को केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप बनाया जाए. उनका मानना है कि इससे खरीद प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी. सरकार अब ऐसी धान किस्मों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है, जिनकी बाजार में अच्छी मांग हो और जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हों.