जैविक खाद इस्तेमाल करने में पंजाब सबसे आगे.. यूपी के किसान भी पीछे नहीं, देखें राज्यों की सूची
Punjab Leads in Using Organic Manure: जैविक खाद की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है. केमिकल खाद की बजाय जैविक खाद की ओर तेजी से किसान बढ़ रहे हैं. सबसे ज्यादा जैविक खाद का इस्तेमाल पंजाब में बढ़ा है.
केमिकल खाद की बजाय किसानों का रुख तेजी से जैविक खाद की ओर बढ़ा है. सबसे ज्यादा जैविक खाद इस्तेमाल करने में पंजाब के किसानों ने बाजी मारी है. उत्तर प्रदेश के किसान भी जैविक खाद इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, गुजरात और अन्य राज्यों के किसानों ने भी केमिकल की बजाय जैविक खाद पर भरोसा बढ़ाया है.
किसानों ने 11.17 लाख टन जैविक खाद खरीदी
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों में बताया गया है कि किसानों ने खरीफ के मौजूदा बुवाई सीजन में 11.17 लाख टन जैविक खाद खरीदी है. यह पिछले साल की इसी अवधि में की गई 3.20 लाख मीट्रिक टन खरीद की तुलना में 3.5 गुना ज्यादा है, जो रासायनिक खाद से धीरे-धीरे बदलाव की ओर संकेत देता है. आंकड़े यह दर्शाते हैं कि यह पोषक तत्वों के जैविक स्रोतों की ओर किसानों के बढ़ता रुझान है. किसान केमिकल खाद पर निर्भरता कम कर रहे हैं और जैविक खाद की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.
जैविक खाद खरीदने में पंजाब के किसान सबसे आगे
जैविक खाद खरीदने में पंजाब के किसान सबसे आगे रहे हैं. पंजाब के किसानों ने इस दौरान 2.83 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद की खरीद की है. वहीं, उत्तर प्रदेश के किसान भी जैविक खाद इस्तेमाल करने में पीछे नहीं रहे हैं, उन्होंने इस सीजन में रिकॉर्ड 2.71 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद की खरीद की है. ये दोनों राज्य डबल डिजिट में जैविक खाद खरीदकर इस्तेमाल करने का नया रिकॉर्ड बनाया है.
जैविक खाद इस्तेमाल करने में अन्य राज्यों का हाल
जैविक खाद इस्तेमाल करने के मामले में अन्य राज्यों में हरियाणा के किसानों ने 1.33 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद खरीदी है. इसी तरह मध्य प्रदेश में 1.25 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद किसान इस्तेमाल कर रहे हैं. गुजरात में 0.96 लाख मीट्रिक टन और महाराष्ट्र में 0.84 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद किसानों ने अपनी फसलों में डालने के लिए खरीदी है.
खरीफ सीजन में कितनी खाद की जरूरत होगी और स्टॉक कितना है
पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते सप्लाई चेन में बाधित होने के बावजूद वर्तमान खरीफ सीजन में किसानों की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का कुल भंडार संतोषजनक बना हुआ है. केंद्रीय मंत्रालय ने आंकड़े जारी करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरक की जरूरत का फिर से मूल्यांकन किया गया है, जिसके तहत 383.9 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत होगी, पहले 390 लाख मीट्रिक खपत का अनुमान लगाया गया था. इसके मुकाबले सरकार के पास स्टॉक में लगभग 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद मौजूद है, जो जरूरत मात्रा का 51 फीसदी से अधिक है. केंद्र ने कहा है कि सरकार के पास खरीफ सीजन के लिए जरूरी खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है.