कम बारिश ने बिगाड़ा धान का खेल! अब स्वीट कॉर्न बनेगा किसानों की कमाई का नया हथियार

कम बारिश से धान की रोपाई प्रभावित है, लेकिन किसानों के लिए स्वीट कॉर्न सुनहरा मौका बनकर उभरा है. इसकी बाजार में जबरदस्त मांग है और सामान्य मक्का की तुलना में कई गुना अधिक कीमत मिलती है. सही उन्नत किस्म चुनकर किसान कम पानी में भी बेहतर उत्पादन और शानदार मुनाफा कमा सकते हैं.

नोएडा | Published: 1 Aug, 2026 | 02:12 PM

Sweet Corn Farming: इस बार कमजोर मानसून और कम बारिश के कारण कई इलाकों में धान की रोपाई प्रभावित हुई है. विशेष रूप से ऊंची और कम पानी रोकने वाली जमीनों में धान की खेती करना किसानों के लिए चुनौती बन गया है. ऐसे में किसानों को ऐसी फसल अपनाने की सलाह दी जा रही है, जो कम पानी में अच्छी पैदावार देने के साथ बेहतर बाजार मूल्य भी दिला सके. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में स्वीट कॉर्न (मीठा मक्का) किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प साबित हो सकता है. इसकी खेती कम पानी में आसानी से की जा सकती है और बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

स्वीट कॉर्न की बाजार में रहती है जबरदस्त मांग

प्रमोद कुमार के अनुसार, सामान्य मक्का की तुलना में स्वीट कॉर्न  की कीमत काफी अधिक मिलती है. जहां सामान्य मक्का आमतौर पर 20 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव बिकता है, वहीं स्वीट कॉर्न 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक आसानी से बिक जाता है. इसकी मांग शहरों के बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, फास्ट फूड सेंटर और प्रोसेसिंग उद्योगों में लगातार बनी रहती है. यही कारण है कि किसान कम क्षेत्र में भी इसकी खेती करके अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. बदलती खाद्य आदतों और बढ़ती मांग के कारण भविष्य में भी इसकी संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं.

अच्छे उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों का करें चयन

प्रमोद कुमार का कहना है कि अधिक उत्पादन  और बेहतर गुणवत्ता के लिए किसानों को स्थानीय किस्मों के बजाय उन्नत बीजों का चयन करना चाहिए. स्वीट कॉर्न की खेती के लिए शुगर-75, माधुरी, स्वीट ग्लोरी, गोल्डन स्वीट, हनी स्वीट, प्रिया स्वीट कॉर्न और सुपर स्वीट जैसी किस्में अच्छी मानी जाती हैं. वहीं यदि किसान सामान्य मक्का की खेती करना चाहते हैं तो डीकेसी-9144, डीकेसी-9108, पायनियर-3396, पायनियर-1899, एनके-6240, बायोसीड-9544 और जेएमएच-1001 जैसी उन्नत संकर किस्मों का चयन कर सकते हैं. ये किस्में विपरीत मौसम में भी बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं.

कम लागत में अधिक मुनाफे का अवसर

प्रमोद कुमार के अनुसार, जिन खेतों में धान की रोपाई  संभव नहीं हो पा रही है, वहां किसान समय रहते स्वीट कॉर्न या उन्नत मक्का की खेती अपनाकर नुकसान से बच सकते हैं. अच्छी गुणवत्ता के बीज, संतुलित उर्वरक, समय पर सिंचाई और वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन अपनाने पर कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए स्वीट कॉर्न किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है. यदि किसानों को बेहतर बाजार और सही तकनीकी जानकारी उपलब्ध हो जाए तो यह फसल पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक लाभ देने वाली साबित हो सकती है.

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