देश का पेट भरने के लिए 21 फीसदी खाद्यान्न दे रहा यूपी, कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 फीसदी पहुंची

Agricultural Growth Rate: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है. प्रदेश में सबसे अधिक पोटेंशियल कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में ही है.

नोएडा | Updated On: 8 Apr, 2026 | 03:54 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि राज्य में तेजी से कृषि की रफ्तार बढ़ रही है. राज्य ने 8 साल में कृषि विकास दर को 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी पहुंचने में सफलता हासिल की है और इसके लिए किसान बधाई के पात्र हैं. यह उनकी मेहनत और खेती को मजबूती देने के लिए लिए किए गए योगदान का नतीजा है. मुख्यमंत्री आज से शुरू हुई तीन दिवसीय छठी यूपी कृषि विज्ञान कांग्रेस में बोल रहे थे.

कृषि विज्ञान केंद्रों के काम की सराहना

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की ओर से लखनऊ में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आज से शुरू किया गया है, जो 10 अप्रैल तक चलेगी. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की मेहनत और कृषि वैज्ञानिकों के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हैं. इन कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रत्येक सप्ताह कृषि आधारित गोष्ठियां और किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं. डेमोंस्ट्रेशन के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है और मार्गदर्शन किया जा रहा है.

कृषि विकास दर 8 फीसदी से 18 फीसदी पहुंचाई – सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है. प्रदेश में सबसे अधिक पोटेंशियल कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में ही है. देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी मात्र 11 प्रतिशत है. इसी 11 प्रतिशत भूमि पर उत्तर प्रदेश, देश का 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है. सीएम ने कहा कि हम उत्पादन को उत्पादकता में बदल सकते हैं, Productivity को Profitability में परिवर्तित कर सकते हैं और Profitability के माध्यम से Prosperity यानी अन्नदाता किसान की आय वृद्धि के साथ उसे खुशहाली से जोड़ सकते हैं. यह सब टेक्नोलॉजी आधारित नेक्स्ट जनरेशन फॉर्मिंग के माध्यम से संभव है।

अन्नदाता किसान को दुर्घटना पर तत्काल 5 लाख रुपये दे रहे

सीएम ने कहा कि किसी भी आपदा में जनहानि की स्थिति में अन्नदाता किसान, बटाईदार या उसके परिवार के किसी सदस्य के दुर्घटना की चपेट में आने पर ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ के अंतर्गत प्रभावित परिवार को ₹5 लाख की धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाती है. पशुहानि पर भी मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाती है. यदि किसी किसान या नागरिक का आवास अग्नि दुर्घटना, तूफान, अतिवृष्टि या किसी अन्य आपदा की चपेट में आ जाता है, तो उसे ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही भी की जाती है.

कृषि विज्ञान अकादमी के 30 पुरस्कार

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ द्वारा भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, गो सेवा आयोग तथा इंटरनेशनल क्राप रिसर्च इन्स्टीट्यूट फार द सेमी एरिड ट्रापिक्स (इक्रीसेट), तेलंगाना के संयुक्त तत्वावधान में 08 से 10 अप्रैल, 2026 तक छठवीं यूपी कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है. “ट्रान्सफार्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि-विकसित भारत @2047” विषयक इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ में किया जा रहा है. 10 अप्रैल को कार्यक्रम के समापन सत्र में यूपी कृषि विज्ञान अकादमी के वर्ष 2025 के 30 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

Published: 8 Apr, 2026 | 03:37 PM

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