मछली पकड़ने पर सरकार ने रोक लगाई.. क्लोज सीजन की तारीखों का ऐलान, नियम तोड़ा तो जेल जाएंगे
Govt fishing closed season announce: मध्यप्रदेश में मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने के क्लोज सीजन घोषित कर दिया है. इस संबंध में संचालनालय मत्स्योद्योग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं.
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने नदियों और जलाशयों से मछलियों को पकड़ने पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही प्रतिबंध के दौरान मछलियों के परिवहन करते पाए जाने पर जेल की सजा और जुर्माना भी लगाने का प्रावधान है. मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यभर में मछली पकड़ने (मत्याखेट) पर 15 अगस्त तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टर और पशुपालन विभाग को सख्ती बरतने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
मध्य प्रदेश ने क्लोज सीजन घोषित किया
मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में जून महीने से अगस्त तक मछली पकड़ने पर रोक रहती है. मध्यप्रदेश में मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने और जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को ‘बंद ऋतु’ (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है. इस संबंध में संचालनालय मत्स्योद्योग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं.
15 अगस्त तक मछली के शिकार पर प्रतिबंध
मध्य प्रदेश सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि राज्य की किसी भी नदी या जलाशय में मछलियों के शिकार पर 15 अगस्त तक रोक लगा दी है. आधिकारिक आदेश में यह प्रतिबंध मध्य प्रदेश में 16 जून 2026 से लागू किया जाएगा और 15 अगस्त तक लागू रहेगा. इन दो महीने की अवधि में प्रदेश की समस्त नदियों और उनसे जुड़े जलाशयों में मत्स्याखेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
मछली पकड़ते मिले तो जेल और जुर्माने का प्रावधान
संचालनालय मत्स्योद्योग के दिशा निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से मत्स्याखेट या परिवहन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों शामिल करने का प्रावधान है. कहा गया है कि मछुआ समुदाय को समय रहते जानकारी दी जाए ताकि वह अनजाने में होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकें और नियमों का पालन कर प्राकृतिक रूप से मत्स्य बीज उत्पादन में सहयोग कर सकें.
ऐसे तालाबों को प्रतिबंध से मिली छूट
मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार यह प्रतिबंध से ऐसे छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका किसी भी नदी से कोई संबंध नहीं है और जिन्हें ‘निर्दिष्ट जल’ की परिभाषा के तहत नहीं लाया गया है, उन पर यह नियम लागू नहीं होंगे. इन निजी या स्थानीय छोटे तालाबों में सामान्य दिनों की तरह मत्स्य पालन और आखेट किया जा सकेगा.
केरल से लेकर पश्चिम बंगाल क्लोज सीजन
मछलियों के प्रजनन (Breeding Season) के समय उनकी सुरक्षा के लिए हर साल मछली पकड़ने पर रोक (क्लोज सीजन) लगाई जाती है. राज्य और क्षेत्र के अनुसार इसकी तारीखें अलग-अलग होती हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत की मैदानी नदियां और इससे जुड़े जलाशय आम तौर पर 1 जून से 31 अगस्त या 15 जून से 15 अगस्त तक प्रतिबंध रहता है. वहीं, तटीय इलाकों में जैसे केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र में आमतौर पर 1 जून से 31 जुलाई तक रोक लागू रहती है. वहीं, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में 15 अप्रैल से 14 जून तक रोक लगाई जाती है.