गाय और भैंसों में तेजी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी, दूध उत्पादन घटाने के साथ पूरे झुंड को कर सकती है कमजोर

Brucellosis Disease: ब्रुसेलोसिस एक बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी है जो मुख्य रूप से गाय और भैंस को होती है. यह धीरे-धीरे पशुओं को कमजोर करती है और उनके दूध उत्पादन व प्रजनन क्षमता को कम कर देती है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह बीमारी पशुओं से इंसानों में भी फैल सकती है.

नोएडा | Updated On: 7 Jun, 2026 | 10:08 AM

Brucellosis In Cattle: पशुपालन गांव की अर्थव्यवस्था की बहुत मजबूत आधारशिला है और दूध उत्पादन में गाय-भैंसों का बड़ा योगदान होता है. लेकिन कई बार पशुओं में फैलने वाली बीमारियां इस आय को बुरी तरह प्रभावित कर देती हैं. इन्हीं खतरनाक बीमारियों में एक है ब्रुसेलोसिस (Brucellosis), जो बहुत तेजी से फैलती है. यह बीमारी पशुओं की सेहत को नुकसान पहुंचाती है और उनके दूध देने की क्षमता को भी कम कर देती है. साथ ही यह उनके प्रजनन पर भी बुरा असर डालती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

ब्रुसेलोसिस रोग क्या है?

ब्रुसेलोसिस एक तरह का बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्य रूप से गाय और भैंस जैसे पशुओं को प्रभावित करता है. यह बीमारी धीरे-धीरे फैलती है, इसलिए शुरुआत में इसका पता लगाना मुश्किल हो सकता है. लेकिन एक बार यह रोग फैल जाए तो यह पशु के पूरे शरीर को कमजोर कर देता है. उसकी सेहत खराब होने लगती है और दूध उत्पादन भी घट जाता है.

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह बीमारी जूनोटिक है, यानी यह संक्रमित पशुओं से इंसानों में भी फैल सकती है. इसलिए यह केवल पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा मानी जाती है.

मुख्य लक्षण और प्रभाव

इस रोग के प्रभाव पशुओं के शरीर और उत्पादन दोनों पर दिखाई देते हैं. प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

इन लक्षणों के कारण पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.

पशुपालकों के लिए खतरे की घंटी

बुसेलोसिस सिर्फ पशुओं तक सीमित नहीं है. अगर संक्रमित दूध को बिना उबाले उपयोग किया जाए या संक्रमित पशु के संपर्क में आया जाए, तो यह इंसानों में भी बुखार, कमजोरी और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. इसलिए यह बीमारी पशु और मानव दोनों के लिए गंभीर खतरा है.

रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज

इस बीमारी का कोई पूरी तरह से आसान इलाज नहीं है, इसलिए रोकथाम ही सबसे महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है.

Published: 7 Jun, 2026 | 09:31 AM

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