खेती में किया ऐसा कमाल की मिला पद्मश्री, दादा लाड बोले- किसानों के लिए और काम करूंगा
Shrirang Devba Lad Interview: महाराष्ट्र के परभणी जिले के 80 साल के कृषि इनोवेटर श्रीरंग देवबा लाड ने पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर कहा कि यह सम्मान मुझे किसानों के लिए और काम करने के लिए प्रेरित करेगा. श्रीरंग देवबा लाड ने कपास की नई किस्म और खेती तकनीक विकसित कर उत्पादन बढ़ाने में सफलता हासिल की है. कई कपास किसानों को आत्महत्या से बचाया है.
Padma Shri Awardee Shrirang Devba Lad: कृषि क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने के लिए महाराष्ट्र के एग्रीकल्चर इनोवेटर श्रीरंग देवबा लाड को पद्म श्री 2026 सम्मान के लिए चुना गया है. इस उपलब्ध पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सम्मान व्यक्तिगत खुशी की बात नहीं है, बल्कि किसानों के लिए और अधिक काम करने की प्रेरणा है. उन्होंने कपास की नई किस्में विकसित कर उत्पादन बढ़ाया है और कई किसानों को आत्महत्या के रास्ते की ओर जाने से रोका है.
मैं खेती-किसानी के लिए और काम करता रहूंगा
महाराष्ट्र के परभणी जिले के मलसोना गांव के रहने वाले 79 साल के कृषि इनोवेटर श्रीरंग देवबा लाड को इस साल ‘अनसंग हीरोज’ कैटेगरी में पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्होंने कहा कि पद्म सम्मान मुझे किसानों के लिए और काम करने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके लिए यह सम्मान व्यक्तिगत खुशी की बात नहीं है, बल्कि किसानों और खेती के विकास के लिए और काम करते रहने के लिए प्रेरित करेगा.
कपास की नई किस्म देकर उत्पादन बढ़ाया, लागत घटाई
महाराष्ट्र के किसान श्रीरंग देवाबा लाड (Shrirang Devaba Lad) कृषि इनोवेटर हैं, वह कपास तकनीक विकसित करने के लिए जाने जाते हैं. उनकी विधि से विकसित किए गए कपास बीज से पैदावार 300 फीसदी तक बढ़ी है, जिससे हजारों किसानों की आय में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इससे महाराष्ट्र के कपास किसानों के समक्ष हर साल फसल को नुकसान होने के खतरे से बचाने में मदद मिली है.
पद्म श्री सम्मानित किसान श्रीरंग देवबा लाड.
कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए नई किस्म पर कई दशक लगाए
परभणी जिले के मलसोना गांव के रहने वाले दादा लाड ने कपास अनुसंधान में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. उनके शोध से विकसित कपास की किस्मों से उपज में काफी वृद्धि हुई है, जिससे हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिली है. वह एक साधारण किसान परिवार से आने वाले लाड ने पिछले चार दशकों में कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए कई नए प्रयोग किए हैं, जिससे पूरे इलाके और उसके बाहर के किसानों को फायदा हुआ है.
खेती की आधुनिक तकनीक को अपनाया और जागरूक किया
दादा लाड ने छंटाई, टॉपिंग, ज्यादा घनत्व वाली खेती, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग के लिए एक असरदार और वैज्ञानिक तरीका विकसित किया है, जिससे कपास की खेती करने वाले किसान समुदाय के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ है. उन्होंने TOI को बताया कि मुझे मिले सम्मान से मैं खुश हूं. इससे कपास की खेती की टेक्नोलॉजी के बारे में बहुत से लोगों में जागरूकता फैलेगी. मुझे उम्मीद है कि कपास उगाने वाले किसानों को मेरे काम से फायदा होगा और किसान आत्महत्या जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सकेगा.
Watch: According to sources, Shrirang Devaba Lad from Maharashtra will be conferred the Padma Shri 2026 in Agriculture.
He is a farmer and agricultural innovator known for developing the Dada Lad cotton technique. His method has boosted seed cotton yield by up to 300%,… pic.twitter.com/QchMnMdkFq
— IANS (@ians_india) January 25, 2026
वर्तमान में RSS में एक्टिव और किसान संघ के प्रमुख की भूमिका
किसान श्रीरंग देवाबा लाड 1970 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के एक्टिव वॉलंटियर हैं और अभी महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के लिए भारतीय किसान संघ के ऑर्गनाइजेशनल हेड के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें हाल ही में वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, परभणी से मानद डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि मिली है. इसके अलावा उन्हें कई पुरस्कार हासिल हो चुके हैं.