Kharmas 2026: मार्च में इस तारीख से लग रहा है खरमास! जानें इस दौरान किन चीजों की होती है मनाही

Kharmas 2026: मार्च 2026 में खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा. यह हिंदू धर्म में अशुभ अवधि मानी जाती है, इसलिए इस दौरान विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय जैसी शुभ गतिविधियाँ वर्जित होती हैं. ज्योतिष अनुसार सूर्य देव धनु और मीन राशि में होने पर ऊर्जा कम हो जाती है, इसलिए शुभ कार्य सफल नहीं होते. इस दौरान व्यक्ति को स्नान-ध्यान, सूर्य को अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और दान-पुण्य जैसी धार्मिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए.

नोएडा | Updated On: 8 Mar, 2026 | 06:24 PM

Kharmas Kab Lag Raha Hai: हिंदू धर्म में खरमास का खास महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार इसे अशुभ समय माना जाता है और इस अवधि के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. विवाह, मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसी शुभ कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव हर माह में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं. लखनऊ के ज्योतिषी, राकेश पांडे के अनुसार जिस राशि में सूर्य प्रवेश करता है, उस माह का नाम उसी राशि से जुड़ा होता है. जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है, तो उनकी ऊर्जा में कमी आ जाती है. इस अवधि को ही खरमास कहते हैं.

मार्च 2026 में खरमास की तिथि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, खरमास की शुरुआत मध्य मार्च से होगी. ज्योतिष गणना के मुताबिक, 14 मार्च 2026 की रात 12:41 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा. इसलिए खरमास 15 मार्च 2026 से शुरू होकर लगभग 1 महीने तक रहेगा. यह अवधि 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी और मेष राशि में प्रवेश के साथ समाप्त हो जाएगी.

खरमास में क्या नहीं करना चाहिए

लखनऊ के ज्योतिषी, राकेश पांडे के अनुसार खरमास के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कार्य वर्जित माने जाते हैं.

शुभ कार्य वर्जित क्यों होते हैं

ज्योतिष गणना के अनुसार, शुभ कार्यों के लिए सूर्य का मजबूत और उच्च स्थिति में होना आवश्यक है. खरमास के दौरान जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में होते हैं, तो उनकी गति धीमी पड़ जाती है. इस कारण, इस समय किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसलिए इस दौरान विवाह, मुंडन या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है.

खरमास में क्या करना चाहिए

खरमास के दौरान व्यक्ति को आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए:

खरमास हिंदू धर्म में एक अशुभ अवधि मानी जाती है, जिसमें सभी मांगलिक और शुभ कार्यों से बचना चाहिए. हालांकि यह समय धार्मिक, दान-पुण्य और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है. अधिक और सटीक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले.

Published: 8 Mar, 2026 | 07:24 PM

Topics: