भागलपुर के आम ने बढ़ाई बिहार की शान, देश ही नहीं विदेशों में भी है डिमांड, GI टैग के बाद मिली पहचान
Bhagalpur Jardalu Mango: भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालु आम अपनी खास मिठास, सुगंध और रसीले स्वाद के लिए जाना जाता है. साल 2018 में इसे GI टैग मिला, जिससे इसकी पहचान और मजबूत हुई. यह आम मुख्य रूप से भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में उगाया जाता है और किसानों की आमदनी का बड़ा स्रोत बन चुका है. देश ही नहीं, विदेशों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.
GI Tag Jardalu Mango: बिहार का नाम आते ही लीची, मखाना और सिल्क की पहचान याद आती है, लेकिन अब भागलपुर का मशहूर जर्दालु आम भी अपनी खास जगह बना चुका है. इसकी मिठास, खुशबू और स्वाद इसे बाकी आमों से अलग बनाते हैं, जिसकी वजह से इसकी मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बढ़ रही है. साल 2018 में इस आम को GI टैग मिला, जिससे इसकी असली पहचान को आधिकारिक मान्यता मिली और इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई.
खास स्वाद और सुगंध की अनोखी पहचान
जर्दालु आम अपनी तेज और प्राकृतिक खुशबू के लिए जाना जाता है. जैसे ही यह पकता है, इसकी मिठास और सुगंध दूर-दूर तक महसूस की जा सकती है. इसका गूदा बहुत मुलायम, रसीला और बिना रेशों वाला होता है, जिससे इसे खाने का अनुभव और भी खास हो जाता है. इसका हल्का पीला रंग और पतला छिलका इसे देखने में भी आकर्षक बनाता है. यही वजह है कि यह आम बाजार में प्रीमियम किस्म में गिना जाता है.
भागलपुर की मिट्टी और मौसम का कमाल
जर्दालु आम की सबसे ज्यादा खेती बिहार के भागलपुर और आसपास के इलाकों में होती है. गंगा नदी के किनारे की उपजाऊ मिट्टी, सही मौसम और प्राकृतिक माहौल इसकी अच्छी पैदावार में मदद करते हैं. यहां के किसान कई पीढ़ियों से पारंपरिक तरीके से इसकी खेती करते आ रहे हैं. यही कारण है कि यह आम स्वाद और क्वालिटी दोनों में खास माना जाता है और अपनी अलग पहचान रखता है.
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2018 में GI टैग मिलने के बाद जर्दालु आम की पहचान और भी मजबूत हो गई. यह टैग साबित करता है कि इसकी खास क्वालिटी केवल भागलपुर क्षेत्र से ही जुड़ी है. इसके बाद देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है.
जर्दालू आम@VijayKrSinhaBih@BametiBihar@IPRDBihar@AgriGoI pic.twitter.com/OwG64WHkHZ
— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) May 26, 2026
बढ़ती मांग और बाजार में हलचल
आम के सीजन में भागलपुर की मंडियों में जर्दालु आम की भारी खरीद-बिक्री होती है. व्यापारी सुबह से ही इसकी खरीद के लिए पहुंच जाते हैं. यह आम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में सप्लाई किया जाता है. विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसानों को बेहतर स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग सुविधाएं मिलें, तो जर्दालु आम बिहार की अर्थव्यवस्था में और बड़ा योगदान दे सकता है. यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि बिहार की परंपरा, मेहनत और पहचान का प्रतीक बन चुका है.
किसानों की आमदनी का मजबूत जरिया
जर्दालु आम अब हजारों किसानों के लिए कमाई का बड़ा साधन बन चुका है. इसकी बढ़ती मांग ने स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है. हर साल सीजन में इसकी बिक्री से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है.