करेला बीज रूबासटा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा, बीज कंपनी पर FIR.. किसानों को मुआवजा मिलेगा
Robusta Hybrid Bitter Gourd seeds banned: करेला का घटिया बीज बेचने वाली कंपनी पर किसानों की शिकायत के बाद कानूनी कार्रवाई की गई है और जांच शुरू कर दी गई है. जबकि, उसके करेला बीज की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश केंद्रीय कृषि मंत्री ने दिए हैं.
निजी बीज कंपनी के करेला बीजों की बुवाई करने वाले किसानों को भारी नुकसान हुआ है. रोपाई के बाद पौधा ही नहीं उगा और जो पौधे हुए उनमें फल ही नहीं लगा या बहुत कम लगे और पीले होकर टूटकर गिर गए. मध्य प्रदेश के किसानों को हुए भारी नुकसान के बाद किसान सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह से दिल्ली में पहुंचकर शिकायत की. कृषि मंत्री के निर्देश पर तेलंगाना की बीज कंपनी नुन्हेम्स पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है और पीड़ित किसानों को मुआवजा देने के निर्देश कंपनी को दिए गए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कंपनी के करेला के अमानक बीज रूबासटा किस्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं.
नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर उनके सामने करेला की फसल में अमानक बीज बिक्री करने और रोपाई के बाद भारी नुकसान का मामला रखा, जिस पर शिवराज सिंह ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार मानते हुए तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके बाद धार जिले के मनावर थाने में संबंधित हैदराबाद की कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
घटिया बीज बेचने वाली कंपनी पर कई धाराओं में केस दर्ज
कृषि मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई और मनावर थाना, जिला धार में एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है. प्राथमिकी में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है.
करेला बीज रूबसटा की बिक्री पर रोक लगी
किसानों की शिकायत है कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से संबंधित इस कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे, लेकिन बुआई और रोपण के बाद करेला फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ और फल छोटे, पीले होकर गिरने लगे. फसल उत्पादन में आई भारी गिरावट के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि अमानक बीज किसानों को प्रमाणित बताकर बेचे गए. साथ ही, करेला के अमानक बीज रूबासटा किस्म प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए हैं.
किसानों के हित से खिलवाड़ नहीं होने देंगे- कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं. मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने नई दिल्ली में उनसे भेंट कर करेला फसल में अमानक बीज और रोपे के कारण हुए गंभीर नुकसान की जानकारी दी, जिस पर कृषि मंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को साफ कहा कि प्रभावित किसानों को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिस कंपनी की भूमिका इस मामले में सामने आई है, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
पहले भी कई कंपनियों पर की गई कार्रवाई
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की बात सुनते ही यह सख्त संदेश दिया कि किसान के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार पीड़ित किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में इससे पहले भी शिकायतों के त्वरित निवारण, अमानक एवं नकली बीज-कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा किसानों को वास्तविक राहत दिलाने के पक्ष में लगातार स्पष्ट और कठोर निर्देश दिए हैं. घटिया बीज और कृषि आदानों के मामले में कृषि मंत्री बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों की मेहनत, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.