पंजाब सरकार ने दूध खरीद कीमतों (Milk Procurement Price Hike) को बढ़ाने की घोषणा कर दी है. राज्य की सरकारी दूध खरीद कंपनी Milkfed Punjab (Verka) से जुड़े किसानों के लिए ज्यादा भाव देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मिल्कफेड से जुड़े 30 लाख डेयरी किसानों को दूध का ज्यादा भाव दिलाने के लिए खरीद कीमतों में बढ़ोत्तरी की जा रही है. किसानों से खरीदे जाने वाले दूध का भाव 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाने की घोषणा की गई है.
दूध खरीद भाव 15 रुपये प्रति किलो बढ़ाया गया
पंजाब सरकार ने मिल्कफेड पंजाब (Milkfed Punjab (Verka)) से जुड़े किसानों के लिए दूध खरीद की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की. इस कदम का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. एक आधिकारिक बयान के अनुसार नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं, और इनसे दूध खरीद की कीमतों में प्रति किलोग्राम फैट 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
30 लाख डेयरी किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लिया गया है, ताकि डेयरी किसानों को बेहतर मेहनताना मिल सके और राज्य में सहकारी डेयरी ढांचे को और मजबूत किया जा सके. राज्य सरकार का कहना है कि Milkfed से जुड़े लगभग 2.5 लाख डेयरी किसानों को इस बढ़ोतरी से सीधे तौर पर फायदा होगा. सरकार ने कहा कि इस कदम से डेयरी खेती की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और पूरे पंजाब में लगभग 30 लाख दूध उत्पादकों को इसका फायदा मिलने की संभावना है.
निजी डेयरी कंपनियां भी किसानों के लिए दूध के भाव बढ़ाएं
सरकार ने आगे कहा कि दूध खरीदने वाली दूसरी एजेंसियां और निजी कंपनियां भी मिल्कफेड (Milkfed) की तर्ज पर अपनी कीमतें बढ़ा सकती हैं, जिससे पूरे सेक्टर में कीमतों में व्यापक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. ऐसे में पंजाब के पशुपालकों और डेयरी किसानों को अधिक भाव मिलने का रास्ता साफ हो गया है. जबकि, निजी डेयरी कंपनियों पर भी दूध किसानों को ज्यादा भाव देने का दबाव बढ़ गया है.
मिल्कफेड उत्तर भारत की प्रमुख डेयरी सहकारी संस्था
सरकारी बयान में कहा गया है कि Milkfed Punjab, जो उत्तरी भारत की एक प्रमुख डेयरी सहकारी संस्था है और पैकेट वाले दूध व दूध से बने उत्पादों के बाजार में इसकी बड़ी हिस्सेदारी है, कीमतों में इस बढ़ोतरी के चलते राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश होने की उम्मीद है.