कावेरी जल विवाद ने तूल पकड़ा, किसानों का KRS बांध पर अर्धनग्न प्रदर्शन-नारेबाजी, कई हिरासत में

Kannada farmers Protest at KRS Dam : कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को दिए जाने के फैसले से नाराज कर्नाटक के किसानों ने केएसआर डैम पर प्रदर्शन किया है. कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. वहीं, भारी फोर्स तैनात किया गया है.

नोएडा | Updated On: 31 Jul, 2026 | 12:00 PM

कर्नाटक के मांड्या जिले में कृष्णराज सागर बांध (KRS Dam) के पास किसानों और कन्नड़ संगठनों ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के तमिलनाडु को पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. किसान सड़क पर अर्धनग्न होकर लेट गए और जल प्रबंधन के साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. महिला प्रदर्शनकारी विरोध के प्रतीक के तौर पर सड़क पर लोटते हुए देखे गए और प्रतीकात्मक घास खाकर विरोध जताया. वे ऐसे पोस्टर भी लिए हुए थे जिन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बना था. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई दर्जन किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1500 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है. बता दें कि इस मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 2 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

कावेरी जल प्रबंधन के तमिलनाडु को पानी देने के फैसले का विरोध

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कावेरी जल विनियमन समिति की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक हर दिन 3500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई है. CWMA ने कर्नाटक के इस तर्क पर ध्यान नहीं दिया कि मॉनसून के दौरान इलाके में कम बारिश हुई है और राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति है. इस फैसले से नाराज किसानों का कहना है कि कर्नाटक में कम बारिश से फसलें सूख रही हैं और राज्य का पानी दूसरे राज्य को दिया जा रहा है, इससे स्थानीय किसानों बर्बाद हो जाएंगे.

किसानों ने सड़क पर अर्धनग्न लोटकर, घास खाकर प्रदर्शन किया

नाराज किसान संगठनों, कन्नड़ रक्षण वेदिका के सदस्यों सहित प्रदर्शनकारी आज शुक्रवार को तड़के सुबह कृष्णराज सागर बांध के पास जमा हुए. यहां किसानों ने प्रदर्शन किया है. कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने CWMA और कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेशों का विरोध जताने के लिए प्रतीकात्मक रूप से घास खाई. कुछ प्रदर्शनकारी महिलाएं ने विरोध के प्रतीक के तौर पर सड़क पर लोटते हुए देखे गए. वे ऐसे पोस्टर भी लिए हुए थे जिन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बना था.

किसान बोले- अपनी फसलों का पानी किसी और को नहीं देने देंगे

किसानों ने कहा है कि वह अपनी फसलों की सिंचाई का पानी दूसरे राज्य को नहीं देने देंगे. मीडिया से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के साथ बार-बार अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा कि कावेरी जल प्राधिकरण ने हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान जारी किया है. इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कर्नाटक सीएम की ओर से 2 अगस्त को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पानी नहीं देने पर फैसला लेने की अपील की है. वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से भी अपील की कि वे कर्नाटक से पानी मांगने से पहले जमीनी हकीकत को समझें.

भारी फोर्स तैनात की गई, कई दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में

मांड्या की पुलिस अधीक्षक शोभा रानी वीजे ने मीडिया से कहा कि विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा हमने स्थानीय पुलिस के अलावा कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (KSRP) की 10 कंपनियां और डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड रिज़र्व (DAR) की आठ यूनिट तैनात की हैं. कुल मिलाकर लगभग 1,500 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं. SP ने बताया कि दूसरे जिलों से भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, संवेदनशील जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और आज के लिए वृंदावन गार्डन में आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है. बयान में कहा गया है कि प्रदर्शन को तितर-बितर करने के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया.

Published: 31 Jul, 2026 | 11:49 AM

Topics: