मछुआरों को पहले की दर पर ही मिलेगा डीजल, केंद्र ने कीमत में 22.43 रुपये लीटर की बढ़ोतरी वापस ली

केंद्र सरकार ने गुजरात के मछुआरों को राहत देते हुए डीजल पर 22.43 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी वापस ले ली. यह फैसला राज्य सरकार के अनुरोध पर हुआ. पहले मछुआरों को बल्क उपभोक्ता मानकर महंगा डीजल दिया जा रहा था, जिससे उनकी लागत और आय पर नकारात्मक असर पड़ रहा था.

नोएडा | Updated On: 22 Mar, 2026 | 08:19 AM

Fish Farming: गुजरात के मछुआरों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने गुजरात में मछली पकड़ने वाली नावों के लिए डीजल पर 22.43 रुपये प्रति लीटर की हालिया बढ़ोतरी को वापस ले लिया है. यह फैसला राज्य सरकार के अनुरोध के बाद लिया गया, ताकि स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा की जा सके. यह बढ़ोतरी भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने गुजरात फिशरीज सेंट्रल को-ऑपरेटिव एसोसिएशन (जीएफसीसीए) के साथ टेंडर प्रक्रिया के बाद लागू की थी. दरअसल, मछुआरों को ‘रिटेल रेट’ के बजाय ‘बल्क कंज्यूमर’ श्रेणी में रखा गया था, जिसके कारण डीजल महंगा हो गया था.

दरअसल, मछुआरा संगठनों और स्थानीय नेताओं की शिकायतें मिलने के बाद, गुजरात के मत्स्य मंत्री जीतूभाई वघानी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया. मंत्री ने कहा कि जब राज्य का परिवहन विभाग रियायती दर पर ईंधन लेता है, तो मत्स्य क्षेत्र  को भी ‘विशेष छूट’ मिलनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि मछुआरों से भी डीजल के लिए रिटेल ग्राहकों जैसी दर ही ली जाए, ताकि उनका काम किफायती बना रहे. धिकारियों ने मांग की कि मछुआरों को सामान्य उपभोक्ता श्रेणी की बजाय ‘रिटेल सेगमेंट’ में रखा जाए, ताकि उन्हें सब्सिडी वाले डीजल का लाभ मिल सके.

गुजरात समुद्री मछली उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर

गुजरात समुद्री मछली उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, जहां कुल मछली उत्पादन (समुद्री और अंदरूनी) सालाना 9 लाख टन से ज्यादा है. राज्य के मंत्री जीतू वघानी ने 21 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस  मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखे पत्र में कहा कि इस वर्गीकरण के कारण संचालन लागत, खासकर ईंधन खर्च, काफी बढ़ गया है, जो मछली पकड़ने के काम का बड़ा हिस्सा होता है. उन्होंने यह भी बताया कि मत्स्य क्षेत्र लागत के प्रति बहुत संवेदनशील है और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से मछुआरों की आमदनी पर असर पड़ता है. साथ ही, इससे मछली की कीमतें, निर्यात प्रतिस्पर्धा और पूरे क्षेत्र की विकास दर भी प्रभावित होती है.

डीजल की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने का निर्देश

केंद्र सरकार ने राज्य की मांग को मानते हुए बीपीसीएल को डीजल की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने का निर्देश दिया. इसके बाद गुजरात के मछुआरों को अब पहले तय की गई दरों पर ही डीजल मिलता रहेगा. मत्स्य मंत्री जीतूभाई वाघन ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि सरकार मछुआरों के हित और उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है. वहीं, डीजल की कीमत में यह बढ़ोतरी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड  ने की थी, जिससे करीब 3 लाख मछुआरे प्रभावित हुए थे. राज्य में लगभग 35,700 रजिस्टर्ड मछली पकड़ने वाली नावें हैं, जिनमें 27,000 मैकेनाइज्ड और 8,700 नॉन-मैकेनाइज्ड नावें शामिल हैं.

हाल ही में कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी

बता दें कि शुक्रवार को प्रीमियम या उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि औद्योगिक उपयोग के लिए मिलने वाले थोक डीजल के दाम 22.43 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए थे. यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी को दर्शाती है.

Published: 22 Mar, 2026 | 08:15 AM

Topics: