अब बदलेगी मछुआरों की किस्मत, सरकार की बड़ी योजनाओं से बढ़ी कमाई और खुले रोजगार के नए रास्ते

सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते देश में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. मछुआरों की आय में सुधार हो रहा है और उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. निवेश, नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं के कारण इस क्षेत्र में रोजगार और कमाई के नए अवसर बन रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 20 Mar, 2026 | 07:01 PM

Fisheries Growth: देश में मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. राज्यसभा में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (Rajiv Ranjan Singh) (ललन सिंह) ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य क्षेत्र में भारी निवेश हुआ है, जिससे उत्पादन बढ़ा है और मछुआरों की कमाई में सुधार आया है. सरकार की योजनाओं का फायदा अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है.

39 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश

राजीव रंजन ने राज्यसभा में बताया कि सरकार ने साल 2015 से अब तक मत्स्य पालन और मछुआरों के विकास  के लिए करीब 39,272 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसमें कई बड़ी योजनाएं शामिल हैं, जैसे ब्लू रेवोल्यूशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा. इन योजनाओं का मकसद है उत्पादन बढ़ाना, नई तकनीक लाना, बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और मछुआरों की आमदनी बढ़ाना.

उत्पादन और निर्यात में बड़ा उछाल

सरकार के प्रयासों का असर अब साफ नजर आ रहा है. पिछले कुछ सालों में मछली उत्पादन और निर्यात दोनों में तेजी आई है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है और मछुआरों की आय  बढ़ी है.

मुख्य उपलब्धियां

संकेतक पहले अब (2024-25)
कुल मछली उत्पादन 197.75 लाख टन
मछली निर्यात 62,408 करोड़ रुपये
प्रति व्यक्ति खपत 12-13 किलो
उत्पादकता 4.7 टन/हेक्टेयर

मछुआरों की कमाई बढ़ाने पर खास ध्यान

सरकार सिर्फ उत्पादन ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि मछुआरों की कमाई बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. इसके लिए जलीय कृषि, समुद्री मत्स्य पालन, शीत जल मत्स्य पालन और बाजार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है, ताकि मछली खराब न हो और किसानों को सही दाम मिल सके.

तमिलनाडु में तेजी से हो रहा विकास

तमिलनाडु में भी इन योजनाओं का बड़ा असर देखने को मिला है. यहां कई नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों बढ़े हैं.

तमिलनाडु में प्रमुख काम

परियोजना लागत/संख्या
समुद्री शैवाल पार्क 127.71 करोड़ रुपये
मछली बंदरगाह अपग्रेड शामिल
फिश लैंडिंग सेंटर 4 केंद्र
कृत्रिम रीफ 417
फिश उत्पादन 9.48 लाख टन

इनके अलावा हजारों बायोफ्लॉक यूनिट, फिश कियोस्क और कोल्ड स्टोरेज भी बनाए गए हैं.

लाखों मछुआरों को मिला KCC और बीमा लाभ

मछुआरों को आर्थिक मदद देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड  (KCC) की सुविधा भी बढ़ाई गई है. पिछले तीन सालों में 5 लाख से ज्यादा कार्ड जारी किए गए हैं. इसके साथ ही समूह दुर्घटना बीमा योजना के तहत मछुआरों को मुफ्त बीमा दिया जा रहा है. इसमें दुर्घटना या मौत की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की मदद मिलती है. हर साल करीब 34 लाख मछुआरों को इसका लाभ मिल रहा है.

क्या बदल रहा है

सरकार की इन योजनाओं से अब मछुआरों को ज्यादा काम, बेहतर दाम और सुरक्षा मिल रही है. नई तकनीक और सुविधाओं से उनका काम आसान हुआ है और कमाई बढ़ी है. अगर इसी तरह योजनाएं चलती रहीं, तो आने वाले समय में भारत मत्स्य उत्पादन  में और मजबूत देश बन सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इन प्रयासों से छोटे मछुआरों की जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है.

Published: 20 Mar, 2026 | 08:22 PM

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