Chaitra Navratri: नवरात्रि के छठे दिन इस तरह करें मां कात्यायनी की पूजा, पूरी होगी मन की हर इच्छा!
Chaitra Navratri Day 6: चैत्र नवरात्रि 2026 का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है, जिसे 24 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. खासतौर पर अविवाहित लड़कियों के लिए यह दिन विशेष माना जाता है, क्योंकि मां कात्यायनी की कृपा से मनचाहा जीवनसाथी मिलने की मान्यता है.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का हर दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप को समर्पित होता है. 24 मार्च 2026 को नवरात्रि का छठा दिन मनाया जाएगा, जो मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित है. गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी के अनुसार, इस दिन भक्त उपवास रखकर पूरे विधि-विधान से मां की पूजा करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन की कई समस्याएं दूर हो जाती हैं.
मां कात्यायनी का महत्व
ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी के अनुसार, मां कात्यायनी को देवी दुर्गा का एक शक्तिशाली और उग्र रूप माना जाता है. उनका अवतार दुष्ट शक्तियों के नाश के लिए हुआ था. मां के चार हाथ होते हैं-एक हाथ में तलवार, दो हाथों में कमल और चौथा हाथ आशीर्वाद देने की मुद्रा में होता है.
उन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था. ज्योतिष शास्त्र में मां कात्यायनी का संबंध गुरु ग्रह यानी बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है.
छठे दिन का रंग और उसका महत्व
नवरात्रि के छठे दिन लाल रंग को विशेष महत्व दिया जाता है. यह रंग शक्ति, ऊर्जा और साहस का प्रतीक है. इस दिन लाल वस्त्र धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
क्या करें इस दिन?
मां कात्यायनी को मनोकामनाएं पूरी करने वाली देवी माना जाता है. खासकर अविवाहित लड़कियां यदि सच्चे मन से उनकी पूजा करती हैं, तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद मिलता है. वहीं विवाहित लोग अपने दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए मां से प्रार्थना करते हैं.
मां कात्यायनी की पूजा विधि
छठे दिन की पूजा को सही तरीके से करना बहुत महत्वपूर्ण होता है.
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें
- मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं
- ताजे फूल, माला और फल अर्पित करें
- माथे पर कुमकुम लगाएं और घर का बना प्रसाद चढ़ाएं
- मां को श्रृंगार की वस्तुएं जैसे बिंदी, चूड़ी, साड़ी आदि अर्पित करें
- कपूर और लौंग से आरती करें
- मां कात्यायनी की आरती करें और उनसे आशीर्वाद मांगें
- अंत में भोग लगाने के बाद व्रत खोलें
नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी की आराधना का विशेष अवसर होता है. इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है. मां की कृपा से न केवल मनोकामनाएं पूरी होती हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है.
Discalimer: यह खबर केवल सामान्य धार्मिक मान्यताओं और जानकारी के आधार पर तैयार की गई है. इसमें दी गई पूजा विधि, मान्यताएं और सुझाव आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं. किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या निर्णय से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.