सरकार ने दूध किसानों का बोनस बंद किया? 4 महीने से डेयरी किसानों के 2 करोड़ रुपये अटके
Rajasthan Milk Bonus Scheme: पूर्व सीएम अशोक गहलौत ने आरोप लगाया है कि राजस्थान सरकार ने डेयरी किसानों को बोनस देने की योजना को बंद कर दिया है. इसके चलते कई लाख डेयरी किसानों को 2 करोड़ से ज्यादा की राशि अटक गई है और इसे दिया नहीं गया है.
राजस्थान के कई लाख डेयरी किसानों को 2 करोड़ से ज्यादा की राशि मिलने का इंतजार है. दरअसल, यह राशि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत प्रोत्साहन के रूप में किसानों को दी जाती है. योजना के तहत किसानों को प्रति लीटर 5 रुपये की सब्सिडी राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाती है. आरोप है कि बीते 4 महीने से यह राशि डेयरी किसानों को नहीं दी गई है. इससे पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया है.
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत डेयरी किसानों को दी जाने वाली 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी को चुपचाप बंद कर दिया है. सत्ताधारी दल ने अभी तक इस आरोप पर कोई जवाब नहीं दिया है. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस फैसले से पूरे राजस्थान में पशुपालकों पर बुरा असर पड़ा है.
चेताया था सरकार बंद कर देगी योजना
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने चुनावों के दौरान ही पशुपालकों को आगाह कर दिया था कि अगर BJP सत्ता में आती है, तो वह दूध पर मिलने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस बंद कर देगी. सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की कई अन्य योजनाओं की तरह इस योजना को भी बंद कर दिया है, जिससे पशुपालक परेशान हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार में किसानों और पशुपालकों, दोनों को ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और मांग की कि सब्सिडी को जल्द से जल्द बहाल किया जाए.
कांग्रेस सरकार ने 2 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये किया था बोनस
पिछले कार्यकाल में मेरी सरकार ने पशुपालकों को सरकार को दूध बेचने पर 2 रु लीटर बोनस देना शुरू किया था. BJP ने सरकार में आने पर इस दूध बोनस स्कीम को बन्द कर दिया. 2018 में कांग्रेस सरकार आने पर पशुपालकों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए हमने इसे दोबारा शुरू किया और इस राशि को बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया. उन्होंने कहा कि मैंने चुनावों के दौरान ही पशुपालकों से आगाह किया था कि यदि भाजपा सरकार में आएगी तो दूध पर मिलने वाले 5 रुपये लीटर के बोनस को बन्द कर देगी.
सीएम भजनलाल जल्द सब्सिडी राशि जारी करें
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं की तरह इस योजनाओं को भी अघोषित रूप से बन्द कर दिया है जिससे पशुपालक परेशान हो रहे हैं. पूरे प्रदेश में यही स्थिति है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं को किसान और पशुपालक बताते हैं, लेकिन ये दोनों वर्ग ही भाजपा सरकार में त्रस्त हैं. राज्य सरकार को अविलंब पशुपालकों की सुध लेकर उनका अनुदान जारी करवाना चाहिए.
पिछले कार्यकाल में मेरी सरकार ने पशुपालकों को सरकार को दूध बेचने पर 2 रु लीटर बोनस देना शुरू किया था।
BJP ने सरकार में आने पर इस बोनस को बन्द कर दिया।
2018 में कांग्रेस सरकार आने पर पशुपालकों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए हमने इसे पुन: शुरू किया एवं इसे 5 रु. लीटर कर दिया।
BJP के…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 18, 2023
जलसंकट की समस्या बताने वालों पर कार्रवाई कर रही भाजपा सरकार
पूर्व सीएम गहलोत ने एक अलग मामले में राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने उन ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिन्होंने पीने के पानी की मांग की थी. सोशल मीडिया पर इस घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाओं की मांग करने के लिए दंडित किया जा रहा है.
गहलोत ने कहा कि जोधपुर जिले के धुंधारा गांव के ग्रामीणों ने राज्य मंत्री जोगाराम पटेल के सामने पानी की कमी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने दावा किया कि समस्या को सुलझाने के बजाय जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस कदम को सरकार के “असंवेदनशील और तानाशाही” रवैये का संकेत बताया.