26 हजार डेयरी किसानों के भुगतान में देरी से बढ़ा आक्रोश, किसान संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी

Himachal Dairy Farmers Payment : हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने समस्या का हल नहीं निकलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

नोएडा | Updated On: 31 Aug, 2026 | 07:15 PM

हिमाचल के कई जिलों में सहकारी दूध समितियों की ओर से खरीदे जा रहे मिल्क का भुगतान समय पर नहीं होने से डेयरी किसानों में नाराजगी है. शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के समीप स्थित दत्तनगर मिल्क प्लांट से जुड़े 26 हजार डेयरी किसानों ने बकाया भुगतान नहीं होने पर गुस्सा जताया है. वहीं, सिरमौर जिले के किसानों को भी दूध भुगतान समय पर नहीं होने से नाराजगी है. हिमाचल किसान सभा ने सिरमौर में बैठक के बाद सहकारी दूध संघ और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि समय पर भुगतान पक्का किया जाए, अगर सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा.

डेयरी किसानों ने सैकड़ों की संख्या में हिमाचल किसान सभा के नेतृत्व में सिरमौर जिला के नाहन में बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं और दूध किसानों के भुगतान में देरी समेत कई बिंदुओं पर मंथन किया गया. किसान सभा की ओर से जारी बयान में प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को हर महीने दूध की पेमेंट जारी नहीं होने पर चिंता जताई गई. संगठन ने सहकारी दूध संघ से हर महीने समय पर भुगतान करने की मांग उठाई. किसान सभा का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मिल्क प्लांट में दूध की क्वालिटी चेक के लिए मशीनें नहीं

हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव और पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मिल्क प्लांट में दूध की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक उपकरण स्थापित करने की मांग भी उठाई, ताकि दूध की गुणवत्ता की सही और पारदर्शी जांच पक्की की जा सके.

किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे

राकेश सिंघा ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है. इसके चलते किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं. उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से किसानों को कर्ज के संकट से बाहर निकालने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. बैठक में बिजली के स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसानों की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया गया. किसान सभा का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी हो रही है. किसान सभा ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर जल्द हल नहीं निकाला गया तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

26 हजार किसान रोजाना 1.5 लाख लीटर दूध बिक्री कर रहे

बीते माह भाजपा किसान मोर्चा के नेतृत्व में महिला और पुरुष डेयरी किसानों ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के समीप स्थित दत्तनगर मिल्क प्लांट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था. किसानों का आरोप है कि रामपुर, ननखड़ी, कुमारसैन, आनी और निरमंड के डेयरी किसानों का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है. दत्तनगर मिल्क प्लांट को इलाके के 26 हजार से ज्यादा किसान रोजाना 1.5 लाख लीटर दूध बेचते हैं.

समय पर बैंक की किस्तें नहीं चुका पा रहे डेयरी किसान

डेयरी किसानों ने कहा कि महीनों तक भुगतान नहीं किए जाने से पशुपालकों को बैंक ऋण की किस्तें चुकाने में दिक्कत हो रही है. जबकि, परिवार का खर्च चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दुग्ध उत्पादकों ने कहा कि पशुपालन में चारा, दवाइयों और पशुओं की देखभाल पर लगातार खर्च होता है. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं दूध बेचकर परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. लेकिन भुगतान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

Published: 31 Aug, 2026 | 07:14 PM

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