मदर डेयरी दूध की कीमतें बढ़ाने पर कंपनी ने दिया अपडेट, 5 जून को बाजार में आएगा मिट्टी में नष्ट होने वाला पाउच
मदर डेयरी ने देश के पहले प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले दूध के पाउच को लॉन्च करने की घोषणा की है. यह पैकेजिंग इनोवेशन प्लास्टिक कचरे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी शुरुआत 5 जून को दिल्ली-NCR में शुरू की जाएगी, जो विश्व पर्यावरण दिवस के दिन है.
मदर डेयरी ने भारत का पहला प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाला दूध का पाउच लॉन्च कर दिया है. इसके साथ ही दूध की कीमतों को बढ़ाने को लेकर भी कंपनी ने स्पष्टता दिखाते हुए अपडेट दिया है. साथ ही फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY27) तक रेवेन्यू 24,000 करोड़ पहुंचाने का टारगेट तय किया है. कंपनी ने कहा कि गर्मियों के बावजूद कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
5 जून को बाजार में उतरेगा मिट्टी में नष्ट होने वाला पाउच
मदर डेयरी ने आधिकारिक बयान में कहा कि देश के पहले प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले दूध के पाउच को लॉन्च करने की घोषणा की है. यह पैकेजिंग इनोवेशन प्लास्टिक कचरे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है, साथ ही यह उपभोक्ताओं के लिए किफायती भी बना रहेगा. इसकी शुरुआत 5 जून को दिल्ली-NCR में शुरू की जाएगी, जो विश्व पर्यावरण दिवस के दिन है. यह भारत के डेयरी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो हर साल अरबों दूध के पाउच का प्रबंधन करता है.
4 साल की मेहनत और रिसर्च के बाद मिली सफलता
बयान में कहा गया कि नई पैकेजिंग तकनीक दूध के पाउच को इस्तेमाल के बाद एक बायोअवेलेबल मोम में बदलने में सक्षम बनाती है. इस मोम को बाद में मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों के जरिए हानिरहित प्राकृतिक तत्वों में तोड़ दिया जाता है, जिससे पीछे कोई प्लास्टिक अवशेष नहीं बचता. इस खास पाउच को बनाने में चार साल की मेहनत और रिसर्च लगी है. इस पाउच को प्राकृतिक तत्वों में बदलने और पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान न छोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे प्लास्टिक कचरे की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी.
कंपनी ने कहा है कि यह खास पाउच शुरुआत में मदर डेयरी के गाय के दूध वाले वेरिएंट पर लागू होगा, जो दिल्ली-NCR बाजार में कंपनी की दूध की बिक्री का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा है.
खास पाउच की वजह से क्या महंगा होगा दूध
कंपनी ने कहा कि पैकेजिंग में इस बदलाव के कारण उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त लागत नहीं उठानी पड़ेगी. कहा गया है कि इस पैकेजिंग इनोवेशन को सदियों के बजाय कुछ ही वर्षों में मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नष्ट होने के लिए डिजाइन किया गया है और यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों पर बिना किसी असर के किया जा रहा है. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत वैश्विक दूध उत्पादन में लगभग एक-चौथाई का योगदान देता है और उन्होंने ऐसे सस्टेनेबल पैकेजिंग समाधानों की जरूरत पर जोर दिया जो देश के डेयरी उद्योग के बड़े पैमाने पर काम कर सकें.
कीमतों में और बढ़ोतरी की कोई तत्काल योजना नहीं
कुछ वक्त पहले ही मदर डेयरी की ओर से डेयरी किसानों को दी जाने वाली खरीद लागत में बढ़ोतरी के चलते दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल दूध की कीमतों में एक और बढ़ोतरी करने की कोई योजना नहीं है. कहा गया है कि किसानों से खरीद की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण पहले ही कीमतों में बदलाव कर दिया गया है. अभी के लिए दूध की कीमतें और बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है.
24 हजार करोड़ रेवेन्यू का टारगेट
मदर डेयरी को गर्मियों के मौसम में भी अपने कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. कंपनी के अनुसार दूध, डेयरी उत्पादों, पेय पदार्थों और अन्य कैटेगरी में बढ़ती मांग के चलते गर्मियों में बिक्री में 30 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. कंपनी लगभग 20 फीसदी बिजनेस ग्रोथ का लक्ष्य रख रही है और FY27 तक 24,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना चाहती है.