Milk Price Hike: तमिलनाडु, झारखंड के बाद अब इस राज्य में महंगा हुआ दूध, कीमतों में भारी बढ़ोतरी

1 मार्च से महाराष्ट्र में दूध 2 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है. गोकुल, अमूल, चितले, कात्रज, महानंद और उर्जा सहित कई ब्रांडों ने नई कीमतें लागू की हैं. बढ़ती खरीद लागत और मिल्क पाउडर निर्यात के कारण दाम बढ़े हैं, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Mar, 2026 | 08:16 AM

Milk price hike: आज एक मार्च है. अभी गर्मी के मौसम का पूरी तरह से आगाज भी नहीं हुआ है, लेकिन दूध की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. कई राज्यों में दूध कंपनियों ने फरवरी महीने में दूध के दाम बढ़ा दिए, तो कइयों ने मार्च में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. खासकर महाराष्ट्र में 1 मार्च से दूध महंगा हो गया है. आज से दूध के दाम 2 प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं. यह फैसला राज्य के डेयरी उद्योग से जुड़े सदस्यों की बैठक में लिया गया. बड़ी ब्रांड गोकुल ने भैंस के दूध के दाम पहले ही 2 रुपये  बढ़ा दिए हैं. वहीं, चितले, अमूल, कटराज, महानंद और उर्जा जैसी कंपनियां भी आज से नई कीमतें लागू कर रही हैं.

कात्रज डेयरी के अध्यक्ष स्वप्निल धमधेरे ने कहा कि हाल ही में निजी और सहकारी डेयरियों की बैठक में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी  करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि किसानों को पहले ही 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ी हुई कीमत दी जा चुकी है, इसलिए अब उपभोक्ताओं के लिए भी दूध महंगा किया गया है. उर्जा ब्रांड की मालिक कंपनी कुटवाल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टरराम खुटवाल ने कहा कि दूध खरीद की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बड़ी डेयरी कंपनियां 1 मार्च से दूध के दाम बढ़ाने जा रही हैं और बाकी कंपनियां भी अगले हफ्ते तक ऐसा कर सकती हैं. दूध महंगा होने से आने वाले दिनों में दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं.

भारतीय मिल्क पाउडर का बड़े पैमाने पर निर्यात

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खुटवाल ने यह भी कहा कि पहले देश में मांग और सप्लाई संतुलित थी, जिससे कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता था. लेकिन अब भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सक्रिय है. भारतीय मिल्क पाउडर  का बड़े पैमाने पर निर्यात हो रहा है, जिससे दूध की मांग बढ़ गई है. इन सभी कारणों से दूध की कीमतें तय होती हैं. वहीं, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा. उनके किचन का बजट बिगड़ सकता है.

अब कितनी हुईं दूध की कीमतें

वहीं, बीते हफ्ते बिहार स्टेट मिल्क को-आपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) की रांची डेयरी ने सुधा दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान किया था. नई कीमतें बुधवार से लागू हो गई हैं. नई दरों के मुताबिक, सुधा हेल्दी (टीएम) 500 एमएल 28 रुपये, 1 लीटर 55 रुपये और 6 लीटर 327 रुपये में मिलेगा. सुधा शक्ति (एसएम) 500 एमएल 31 रुपये, 1 लीटर 61 रुपये और 6 लीटर 363 रुपये में उपलब्ध होगा. वहीं सुधा गोल्ड (एफएम) 500 एमएल 34 रुपये और 1 लीटर 67 रुपये में मिल रहा है.  सुधा स्मार्ट (डीटीएम) 180 एमएल 10 रुपये और 500 एमएल 26 रुपये में तय किया गया है. डेयरी प्रबंधन ने उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई कीमतों को लेकर सहयोग की अपील की थी.

तमिलनाडु में महंगा हुआ दूध

बता दें  कि तमिलनाडु में भी श्रीनिवासा, जर्सी और तिरुमला ब्रांड के तहत दूध बेचने वाली तीन निजी डेयरी कंपनियों  ने दूध के अलग-अलग वेरिएंट के दाम 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं. साथ ही दही और छाछ की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. खास बात यह है कि नई दरें तिरुमला और श्रीनिवासा दूध पर 26 फरवरी से लागू हो गई हैं, जबकि जर्सी ब्रांड की बढ़ी हुई कीमतें 19 फरवरी से लागू हो चुकी हैं. कंपनियों ने कहा है कि दूध की खरीद कीमत बढ़ने और संचालन खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है.

कितनी बढ़ी दूध की कीमत

डेयरी उद्योग के मुताबिक, निजी डेयरियां इस समय किसानों से 44 से 46 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीद रही हैं, जबकि जनवरी में यह कीमत करीब 34 रुपये प्रति लीटर थी. यानी खरीद कीमत में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. बताया ये भी गया है कि गर्मियों में दूध की कमी और राज्य में आम चुनाव से पहले मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए कंपनियों ने खरीद दर बढ़ाई है.

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Published: 1 Mar, 2026 | 08:11 AM

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