प्याज किसानों के समर्थन में कांग्रेस, 3000 रुपये क्विंटल भाव तय करने की मांग; वरना जारी रहेगा आंदोलन

महाराष्ट्र में प्याज किसानों को उचित दाम दिलाने की मांग को लेकर महा विकास अघाड़ी (MVA) का आंदोलन तेज हो गया है. विपक्ष 25 रुपये प्रति किलो MSP, कम कीमत पर प्याज बेच चुके किसानों को सब्सिडी और NAFED के जरिए बड़े पैमाने पर खरीद की मांग कर रहा है. किसानों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 3 Jun, 2026 | 01:57 PM

Onion Mandi Rate: प्याज किसानों के समर्थन में महा विकास अघाड़ी (MVA) सड़क पर उतर आई है. उसने प्याज किसानों को उचित भाव दिलाने के लिए राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि महा विकास अघाड़ी (MVA) का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार प्याज किसानों को उनकी उपज के लिए 25 से 30 रुपये प्रति किलो यानी 3000 रुपये क्विंटल का दाम सुनिश्चित नहीं करती. पुणे जिले के अंबेगांव तहसील में पुणे-नासिक हाईवे पर आयोजित चक्का जाम आंदोलन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्याज किसानों को अपनी फसल बेहद कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. सपकाल ने इस स्थिति के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की मांग की.

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि किसानों को प्याज का उचित दाम नहीं मिल रहा है और कई जगह उन्हें 2 रुपये प्रति किलो से भी कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि जब तक प्याज उत्पादकों  को न्याय नहीं मिलता और 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक महा विकास अघाड़ी (MVA) का आंदोलन जारी रहेगा.

प्याज किसानों की मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज किसानों की मांगों को लेकर एमवीए ने यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था. गठबंधन ने सरकार से मांग की है कि प्याज के लिए 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का गारंटी मूल्य तय किया जाए, कम कीमत पर फसल बेचने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाए और किसानों के पूरे प्याज स्टॉक की खरीद भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के माध्यम से की जाए.

एमवीए नेताओं ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बावजूद हजारों किसानों ने आंदोलन में हिस्सा लिया. इस प्रदर्शन में एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, विधायक रोहित पवार, सांसद नीलेश लंके और शिवसेना (UBT) के नेताओं ने भी भाग लिया.

किसान कर रहे आर्थिक संकट का सामना

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई, खेती की लागत में लगातार इजाफा और फसलों के कम दाम मिलने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, क्योंकि बाजार में प्याज के दाम उत्पादन लागत से भी नीचे चले गए हैं. सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्याज खरीद की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अब तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है.

किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिले

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि प्याज की खरीद कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) के माध्यम से की जानी चाहिए और सरकार को व्यापारियों की बजाय किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए. उनका कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सकेगा.

20 रुपये किलो सब्सिडी की मांग

वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के महासचिव रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों और विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बाधाएं खड़ी कीं. उन्होंने कहा कि प्याज किसानों  को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. रोहित पवार ने बताया कि विपक्ष प्याज के लिए 25 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग कर रहा है. साथ ही, कम दाम पर प्याज बेच चुके किसानों को 15 से 20 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी देने और प्रस्तावित 2 लाख टन के बजाय 8 से 10 लाख टन प्याज की सरकारी खरीद करने की मांग भी की गई है.

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Published: 3 Jun, 2026 | 01:52 PM

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