Milk Price Hike: अभी पूरी तरह से गर्मी का आगमन नहीं हुआ है, लेकिन अभी से ही तमिलनाडु में दूध और उससे बने उत्पाद महंगे हो गए हैं. यानी अब उपभोक्ताओं को दूध, दही और छाछ के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. श्रीनिवासा, जर्सी और तिरुमला ब्रांड के तहत दूध बेचने वाली तीन निजी डेयरी कंपनियों ने दूध के अलग-अलग वेरिएंट के दाम 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं. साथ ही दही और छाछ की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है.
खास बात यह है कि नई दरें तिरुमला और श्रीनिवासा दूध पर 26 फरवरी से लागू हो गई हैं, जबकि जर्सी ब्रांड की बढ़ी हुई कीमतें 19 फरवरी से लागू हो चुकी हैं. कंपनियों ने कहा है कि दूध की खरीद कीमत बढ़ने और संचालन खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है. डेयरी उद्योग के मुताबिक, निजी डेयरियां इस समय किसानों से 44 से 46 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीद रही हैं, जबकि जनवरी में यह कीमत करीब 34 रुपये प्रति लीटर थी. यानी खरीद कीमत में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. बताया ये भी गया है कि गर्मियों में दूध की कमी और राज्य में आम चुनाव से पहले मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए कंपनियों ने खरीद दर बढ़ाई है.
तिरुमला मिल्क प्रोडक्ट्स ने कहा है कि फुल क्रीम दूध का बिलिंग प्राइस 72 रुपये से बढ़ाकर 76 रुपये, स्टैंडर्ड दूध 63 से 68 रुपये और टोंड दूध 52 से 62 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. अब 120 ग्राम दही का पाउच 8.30 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये, 180 मिली छाछ 6.25 से 10 रुपये और 160 मिली लस्सी 8 से 10 रुपये कर दी गई है. दूध के वेरिएंट के अनुसार प्रति लीटर एमआरपी में 4 से 6 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी.
अब टोंड दूध का दाम 57 से बढ़ाकर 59 रुपये प्रति लीटर हो गया है
क्रीमलाइन डेयरी प्रोडक्ट्स, जो जर्सी ब्रांड के नाम से दूध बेचती है, ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं. टोंड दूध का दाम 57 से बढ़ाकर 59 रुपये प्रति लीटर, स्टैंडर्ड दूध 65 से 67 रुपये, फुल क्रीम दूध 74 से 76 रुपये और टी स्पेशल दूध 68 से 70 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. 170 मिली छाछ की कीमत 8 से बढ़ाकर 10 रुपये कर दी गई है. वहीं, श्रीनिवासा ब्रांड के तहत दूध बेचने वाली कंपनी श्रीरंगम मिल्क प्रोडक्ट्स ने एक लीटर फुल क्रीम दूध का दाम 76 से 78 रुपये और स्टैंडर्ड दूध 66 से 68 रुपये कर दिया है. 950 मिली टी किंग पैक की कीमत 67 से बढ़ाकर 69 रुपये कर दी गई है, जबकि 120 ग्राम दही का पाउच 8 से बढ़ाकर 10 रुपये हो गया है.
दूध की कीमत बढ़ने से छाछ और अन्य दुग्ध उत्पाद हो जाएंगे महंगे
तमिलनाडु प्रोग्रेसिव कंज्यूमर सेंटर के अध्यक्ष टी. सदागोपन ने कहा है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, दूध की कीमत बढ़ने से छाछ और अन्य दुग्ध उत्पादों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे. उन्होंने कहा कि कई इलाकों में छोटी दुकानों पर दूध पहले से ही एमआरपी से 1 रुपये ज्यादा में बिक रहा है. उपभोक्ताओं के पास निजी ब्रांड का दूध खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.
एसए पोनुसामी ने कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर ये कहा
तमिलनाडु मिल्क डीलर्स एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन के एस.ए. पोनुसामी ने आरोप लगाया कि दूध की बढ़ती मांग, खरीद कीमत और बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी राज्य सरकार की विफलता का नतीजा है. उनका कहना है कि डेयरी विकास विभाग इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं कर रहा. पशु महंगे हो गए हैं, इसलिए आम किसान दूध उत्पादन नहीं बढ़ा पा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मुफ्त पशु योजना को डीएमके सरकार ने बंद कर दिया, जिससे आज यह स्थिति बनी है.
तमिलनाडु में मवेशियों की संख्या
AAvin की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019-20 में तमिलनाडु 87.6 लाख टन दूध उत्पादन के साथ देश में 11वें स्थान पर रहा. इस दौरान प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 316 ग्राम प्रतिदिन थी. 20वीं पशुधन जनगणना के मुताबिक, तमिलनाडु में कुल 245 लाख पशुधन हैं. इनमें 95.2 लाख गाय-बैल (मवेशी) और 5.2 लाख भैंसें शामिल हैं. प्रजनन योग्य पशुओं की संख्या 64 लाख मवेशी है.