कम मेहनत में रोज की कमाई, ज्यादा दूध देने वाली भैंस से बदल सकती है किसानों की किस्मत

खेती की बढ़ती लागत के बीच पशुपालन किसानों के लिए भरोसेमंद आय का साधन बन रहा है. ज्यादा दूध देने वाली भैंस कम देखभाल में अच्छी आमदनी देती है. इसकी खासियतें और मजबूत शरीर इसे किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय बना रही हैं. सही योजना से यह फायदे का सौदा साबित हो सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 11 Jan, 2026 | 04:25 PM

Buffalo Farming : खेती के साथ अगर कोई काम किसानों की किस्मत बदल सकता है, तो वह है पशुपालन. आज जब खेती की लागत बढ़ रही है और मौसम का मिजाज भरोसे के लायक नहीं रहा, तब भैंस पालन किसानों के लिए स्थायी आमदनी का मजबूत सहारा बनकर उभरा है. खास बात यह है कि अब ऐसी नस्लें उपलब्ध हैं, जो कम देखभाल में ज्यादा दूध देती हैं और मुनाफा भी शानदार दिलाती हैं. इन्हीं में से एक नस्ल आज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

पशुपालन बना किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पशुपालन  सिर्फ सहायक काम नहीं रहा, बल्कि एक पूरा व्यवसाय बन चुका है. दूध, दही, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में भैंस पालन  किसानों को रोज की कमाई का जरिया देता है. एक अच्छी नस्ल की भैंस किसान को हर दिन नियमित आय दिला सकती है, जिससे घर खर्च से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सब आसान हो जाता है.

ज्यादा दूध देने वाली भैंस की खासियत

इस खास नस्ल की सबसे बड़ी पहचान इसकी दूध देने की क्षमता  है. यह भैंस रोजाना करीब 15 से 16 लीटर दूध देती है. इसके दूध में वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे दूध और उससे बनने वाले उत्पाद अच्छे दामों पर बिकते हैं. यही वजह है कि डेयरी कारोबार करने वाले किसान इस नस्ल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

कम खर्च में आसान रखरखाव

किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है पशुओं के रखरखाव  का खर्च. इस नस्ल की खास बात यह है कि यह अलग-अलग मौसम और वातावरण में आसानी से ढल जाती है. ज्यादा बीमार नहीं पड़ती और सामान्य देखभाल में भी अच्छा उत्पादन देती है. चारे और दवाइयों पर होने वाला खर्च सीमित रहता है, जिससे मुनाफा और बढ़ जाता है.

मजबूत शरीर और पहचानने में आसान

यह भैंस देखने में भी काफी मजबूत होती है. इसका शरीर बड़ा और ताकतवर होता है, सिर चौड़ा, आंखें बड़ी और चमकदार होती हैं. सींग गर्दन की ओर मुड़े हुए और कान लंबे व चौड़े होते हैं. वजन आमतौर पर 800 से 1000 किलो तक पहुंच सकता है. इसी ताकतवर शरीर की वजह से इसे किसान प्यार से बाहुबली भैंस भी कहते हैं.

कीमत ज्यादा, लेकिन फायदा उससे कहीं बड़ा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में इस नस्ल की भैंस की कीमत आमतौर पर 80 हजार से एक लाख रुपये तक होती है. पहली नजर में यह रकम ज्यादा लग सकती है, लेकिन जब इसकी रोज की दूध देने की क्षमता और कम खर्च का हिसाब लगाया जाए, तो यह निवेश बहुत जल्दी निकल आता है. कई किसान बताते हैं कि सही देखभाल में यह भैंस कुछ ही समय में अपनी कीमत वसूल कर देती है. अगर किसान कम मेहनत में स्थायी और भरोसेमंद आमदनी चाहते हैं, तो इस नस्ल की भैंस उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं है. सही योजना और देखभाल के साथ भैंस पालन किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है और आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है.

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Published: 11 Jan, 2026 | 04:24 PM

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