Milk price hike: महाराष्ट्र में दूध महंंगा हो गया है. गोकुल डेयरी ने भैंस के दूध का रेट 74 रुपये से बढ़ाकर 76 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. गाय के दूध और अन्य वैरायटी के दाम फिलहाल नहीं बढ़ाए गए हैं. हालांकि भविष्य में इनके दाम बढ़ने की संभावना है. प्रबंधन ने कहा कि पिछले महीनों में किसानों को राहत देने के लिए भैंस के दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये और गाय के दूध का 2 रुपये बढ़ाया गया है. गोकुल डेयरी के एमडी योगेश गोड़बोले ने कहा कि यह बढ़ोतरी राज्य में चारे की कमी के कारण हुई है.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डेयरी के एमडी योगेश गोड़बोले ने कहा कि कंपनी पिछले पांच महीने से घाटे में थी और अब नुकसान सहना मुश्किल हो गया है. मई 2025 में समय से पहले आई मॉनसून और चारे की कमी ने लागत बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले महीनों में अन्य डेयरी कंपनियां भी दूध के दाम बढ़ा सकती हैं. फिलहाल गाय के दूध के दाम स्थिर हैं, लेकिन बाजार पर निगाह बनी हुई है.
इस वजह से कीमत में हुई बढ़ोतरी
गोड़बोले ने कहा कि गाय के दूध के क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा है. उन्होंने कहा कि हम इस महीने कीमतें बढ़ाने का इरादा नहीं रखते थे, लेकिन चारे की कमी ने हमें मजबूर कर दिया. अब तक हम उपभोक्ताओं के हित की रक्षा कर रहे थे. मई 2025 में ही मौसम में बदलाव और जल्दी आई मॉनसून के कारण चारे की कमी हो गई. ऐसे में दूध उत्पादन पर खर्च बढ़ गया. किसानों को पहले के मुकाबले पशुपालन पर ज्यादा खर्च करने पड़ रहे थे. ऐसे में दूध की कीमतोंं में बढ़ोतरी करनी पड़ी.
इंडियन डेयरी एसोसिएशन ने क्या कहा था
वहीं, बीते 10 फरवरी को इंडियन डेयरी एसोसिएशन (IDA) के अध्यक्ष सुधीर केआर सिंह ने कहा था कि 2026 में दूध के दाम बढ़ने की संभावना कम है. दूध की कीमतें केवल तब बढ़ती हैं जब चारे, लॉजिस्टिक और अन्य लागत बढ़ने पर डेयरी कंपनियां मजबूर हों. उन्होंने कहा था कि दूध उत्पादन का लगभग 70 फीसदी खर्च पशु चारे पर निर्भर है. अगर कंपनियां चाहें तो किसानों को अतिरिक्त पैसे देने के लिए कीमत बढ़ा सकती हैं, लेकिन फिलहाल कोई तय योजना नहीं है. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि सरकार ने डेयरी सेक्टर को सुरक्षित रखा है और इसे ट्रेड डील्स से बाहर रखा है।