मंडी समितियों की कमाई 15 फीसदी बढ़ी, किसानों के लिए व्यवस्थाओं पर खर्च होंगे 3 हजार करोड़

UP State Agricultural Produce Mandi Council : मंजूर बजट में कई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पहलों के लिए फंड शामिल है, जिनका मकसद एग्रीकल्चर मार्केटिंग और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. इस पैसे को मंडी स्थलों का निर्माण और विस्तार करने के साथ ही लिंक रोड निर्माण और मरम्मत समेत कई कार्यों में खर्च किया जाएगा.

नोएडा | Updated On: 2 Aug, 2026 | 03:06 PM

उत्तर प्रदेश की मंडी समितियों की आय में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. 2025-26 में समितियों की कुल कमाई बढ़कर 2,305.80 करोड़ रुपये के पार हो गई, जो बीते साल की तुलना में 15.7 फीसदी बढ़ी है. अब योगी सरकार ने किसानों के लिए मंडी समितियों में व्यवस्थाओं और बेहतर करने के लिए 3 हजार करोड़ से अधिक फंड को मंजूरी दी है. मंडियों में किसान बाजार स्थल, ग्रामीण हाट विकास, ट्रैक्टर आदि के आवागमन के लिए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य किए जाएंगे.

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद को 3 हजार करोड़ का फंड मिला

उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक मंडल की बैठक के दौरान किसानों के कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में मंडी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,025.49 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दी गई. पहले से मंजूर निर्माण परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए 1,212.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.  बजट में कृषि विपणन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य के मंडी नेटवर्क में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए धनराशि आवंटित की गई है.

किसानों की भलाई और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंजूर किए गए बजट में कई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पहलों के लिए फंड शामिल है, जिनका मकसद एग्रीकल्चर मार्केटिंग और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. इस पैसे को मंडी स्थलों का निर्माण और विस्तार करने के साथ ही लिंक रोड निर्माण और मरम्मत, ग्रामीण हाट विकास, किसान बाजार स्थापना, गौ-आश्रय स्थल निर्माण, मंडी समितियों के लिए जमीन अधिग्रहण आदि पर खर्च की जाएगी.

जिलावार मंडी समितियों को फंड का आवंटन

योगी सरकार ने मंजूर किए गए बजट से मंडियों में तौल कांटों को डिजिटल करने के साथ ही अपग्रेड करने और किसानों के लिए छांव की व्यवस्था करने के साथ ही अनाज रखने के लिए शेड की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके लिए जिलावार मंडी समितियों को निर्देशित किया गया है. जबकि, फंड का आवंटन भी जिलावार शुरू किए जाने की प्रक्रिया तेज की गई है.

मंडी समितियों की आमदनी 15 फीसदी बढ़ी

अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश की मंडी समितियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. अनुमानित कमाई 2,228.59 करोड़ रुपये दर्ज की गई है. 2024-25 में मंडी समितियों की आय 1,991.33 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 2,305.80 करोड़ रुपये हो गई है. मंडी समितियों की आय में 15.7% फीसदी बढ़त दर्ज की गई है. यह बढ़ोतरी राज्य के एग्रीकल्चर मार्केटिंग सिस्टम और मंडी के कामकाज में सुधार को दिखाती है.

Published: 2 Aug, 2026 | 03:05 PM

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