Smart Cattle Band: पशुपालन क्षेत्र में अब तेजी से तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है. पहले जहां पशुओं की देखभाल अनुमान और अनुभव के आधार पर होती थी, वहीं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से डेयरी फार्मिंग पूरी तरह हाईटेक बन रही है. नए स्मार्ट नेक बैंड और मोबाइल ऐप की मदद से पशुओं की सेहत, दूध उत्पादन और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. पशुपालन विभाग के अनुसार यह तकनीक पशुपालकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है.
स्मार्ट नेक बैंड से पशुओं की सेहत पर नजर
पशुपालन विभाग के अनुसार अब बाजार में AI आधारित स्मार्ट नेक बैंड उपलब्ध हैं, जिन्हें गाय और अन्य पशुओं के गले में पहनाया जाता है. यह बैंड पशु की शारीरिक गतिविधियों को लगातार रिकॉर्ड करता है. ये सेंसर आधारित डिवाइस पशु की जुगाली करने की आदत, चलने-फिरने की गति और आराम की स्थिति पर नजर रखता है. अगर पशु की जुगाली कम हो जाती है तो इसे बीमारी का संकेत माना जाता है. इसी तरह अगर पशु अचानक ज्यादा सक्रिय हो जाए, तो इसे हीट (गर्मी) में होने का संकेत समझा जाता है. इस तकनीक की मदद से पशुपालक समय रहते पशु की स्थिति समझ सकते हैं और इलाज या देखभाल तुरंत शुरू कर सकते हैं.
मोबाइल ऐप से मिलती है पूरी जानकारी
इन स्मार्ट नेक बैंड को मोबाइल ऐप से जोड़ा जाता है. पशुपालन विभाग के अनुसार ऐप पर पशु से जुड़ी सभी जानकारी आसानी से देखी जा सकती है. इसमें पशु की हेल्थ रिपोर्ट, गतिविधियां, दूध उत्पादन और हीट साइकल की जानकारी शामिल होती है. ऐप यह भी बताता है कि कौन सा पशु कब हीट में है और उसे कब कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Intelligence) की जरूरत हो सकती है. इसके अलावा हर पशु की अलग प्रोफाइल बनाई जाती है, जिसमें उसका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है. इससे पशुपालकों को हर जानकारी एक ही जगह मिल जाती है.
बीमारी और हीट साइकल की सटीक पहचान
पशुपालन विभाग के अनुसार यह तकनीक पशुओं की बीमारी और प्रजनन स्थिति को समझने में बहुत मददगार है. पहले कई बार पशुपालक समय पर बीमारी या हीट की पहचान नहीं कर पाते थे, जिससे नुकसान हो जाता था. अब AI सिस्टम पशु की गतिविधियों को देखकर तुरंत संकेत देता है. अगर पशु की हलचल कम हो जाए या वह सामान्य से अलग व्यवहार करने लगे तो ऐप अलर्ट भेजता है. इसी तरह हीट साइकल की सटीक जानकारी मिलने से प्रजनन प्रक्रिया भी बेहतर हो जाती है और दूध उत्पादन में सुधार होता है.
डेयरी फार्मिंग में बढ़ेगी कमाई और सुरक्षा
पशुपालन विभाग का कहना है कि इस तकनीक से डेयरी फार्मिंग अधिक सुरक्षित और लाभदायक बन रही है. अब पशुपालकों को केवल अनुमान पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. मोबाइल ऐप और AI बैंड की मदद से पूरा डेटा उपलब्ध रहता है, जिससे निर्णय लेना आसान हो जाता है. इससे न सिर्फ पशुओं की सेहत बेहतर रहती है बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक डेयरी सेक्टर में बड़ा बदलाव लाएगी और छोटे किसानों के लिए भी यह बहुत उपयोगी साबित होगी. सरकार भी पशुपालकों को ऐसी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके.