सिलेंडर 3 हजार पार: LPG के बढ़ते दाम पर कांग्रेस-अखिलेश का हमला, जानिए 4 महीने में कितना बढ़ा रेट
1 मई 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा हुआ है. नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का दाम बढ़कर 3,071.50 रुपये पहुंच गया है.
LPG price hike: देश में एक बार फिर गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. खासकर कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में अचानक हुई बड़ी वृद्धि ने न सिर्फ कारोबारियों बल्कि आम लोगों को भी प्रभावित किया है. इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और बढ़ती महंगाई को बड़ा मुद्दा बना दिया है.
कमर्शियल गैस सिलेंडर में बड़ी बढ़ोतरी
1 मई 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा हुआ है. नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का दाम बढ़कर 3,071.50 रुपये पहुंच गया है. यह बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि उनके खर्च में अचानक इजाफा हो गया है. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों को फिलहाल राहत मिली है.
अलग-अलग शहरों में नए रेट
दिल्ली: 3,071.50 रुपये (पहले 2,078.50 रुपये)
कोलकाता: 3,202 रुपये (पहले 2,208 रुपये)
मुंबई: 3,024 रुपये (पहले 2,031 रुपये)
चेन्नई: 3,237 रुपये (पहले 2,246.50 रुपये)
कांग्रेस का सरकार पर हमला
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कहा कि “महंगाई का चाबुक फिर चला है.”
कांग्रेस ने आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल 1,518 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है. पार्टी का कहना है कि इससे व्यापारियों और आम जनता दोनों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है.
सिलेंडर के दाम
आंकड़ों के जरिए उठाए सवाल
कांग्रेस ने अपने बयान में जनवरी से मई तक की कीमतों का जिक्र किया. उनके अनुसार, जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 50 रुपये, मार्च में दो बार मिलाकर 146 रुपये, अप्रैल में 218 रुपये और अब मई में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इन आंकड़ों के आधार पर पार्टी ने सरकार पर लगातार महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि यह आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रहा है.
‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला। आज कमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए महंगा हुआ।
मोदी ने पिछले 4 महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दाम ऐसे बढ़ाए 👇
• 1 मई: ₹993
• 1 अप्रैल: ₹218
• 7 मार्च: ₹115
• 1 मार्च: ₹31
• 1 फरवरी: ₹50
• 1 जनवरी: ₹111
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टोटल: ₹1,518जी…
— Congress (@INCIndia) May 1, 2026
समाजवादी पार्टी का भी तीखा बयान
इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सिलेंडर महंगा होने का मतलब है कि आम आदमी की रोटी और थाली महंगी हो रही है. अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर दाम बढ़ाना ही था तो सीधे 1000 रुपये बढ़ा देते, 1000 में 7 रुपये कम करके ये भाजपावाले किस पर एहसान कर रहे हैं.
सिलेंडर महंगा नहीं होता, रोटी-थाली महंगी होती है। ये बात वही जानता है जो ख़ुद ख़रीदकर खाता है, वो नहीं जो दूसरों के यहाँ जाकर खाता है या दूसरों की थाली से चुराता है।
सिलेंडर महंगा करना था तो सीधे 1000 रूपये महंगा कर देते। 1000 में 7 रुपये कम करके ये भाजपावाले किस पर एहसान कर रहे…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 1, 2026
महंगाई का असर आम जिंदगी पर
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर सिर्फ व्यवसाय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है. जब होटल और रेस्टोरेंट का खर्च बढ़ता है, तो खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं. इससे आम ग्राहक को भी महंगाई का सामना करना पड़ता है.
सरकार का पक्ष क्या है
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है, जहां बड़ी मात्रा में ऊर्जा का आयात किया जाता है.
वहीं गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह मुद्दा आने वाले समय में और ज्यादा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है. विपक्ष जहां इसे महंगाई का मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार इसे वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम बता रही है.