बेरोजगारी दर में गिरावट.. रोजगार देने में आगे रहा ग्रामीण सेक्टर, कृषि में काम करने वालों की संख्या 55 फीसदी
Employment in Agriculture: सांख्यिकी मंत्रालय ने इस वर्ष के जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान शहरी बेरोजगारी में कमी दर्ज की है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा है. कृषि सेक्टर में काम करने वालों की संख्या 55 फीसदी से अधिक रही है.
Employment Growth Rate in Agriculture: ताजा केंद्रीय आंकड़ों में बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है. शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में माध्यमिक और तृतीयक क्षेत्र के रोजगार में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया गया है. वहीं, कृषि में काम करने वालों की संख्या 55 फीसदी दर्ज की गई है.
बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई
सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार इस वर्ष के जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान शहरी बेरोजगारी में कमी दर्ज की गई है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा है. जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए शहरी क्षेत्रों में समग्र बेरोजगारी दर (यूआर) में गिरावट दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही के 6.7 फीसदी से घटकर 6.6 फीसदी रही.
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन पाने वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन और सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गई, जो पिछली तिमाही में 14.8 फीसदी थी. मंत्रालय के अनुसार ग्रामीण इलाकों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी सकारात्मक संकेत हैं. इसके साथ ही ग्रामीण सेक्टर के सेकेंडरी और टर्शियरी सेक्टर में भी रोजगार बढ़ा है. बयान में कहा गया कि रोजगार का ढांचा पहले जैसा ही बना हुआ है. ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोग अब भी कृषि और उससे जुड़े प्राथमिक सेक्टर में काम कर रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में अधिकतर रोजगार सेवा क्षेत्र में केंद्रित हैं.
कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की हिस्सेदारी 55 फीसदी
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की हिस्सेदारी जनवरी-मार्च 2026 में 55.8 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही में 58.5 फीसदी थी. वहीं, ग्रामीण सेवा क्षेत्र में रोजगार हिस्सेदारी अक्टूबर-दिसंबर 2025 के 20.6 फीसदी से बढ़कर जनवरी-मार्च 2026 में 21.7 फीसदी हो गई. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सेकेंडरी सेक्टर, माइनिंग और क्वॉरिंग (खनन) में भी रोजगार हिस्सेदारी बढ़ी है, जो पिछली तिमाही के 20.9 फीसदी से बढ़कर 22.6 फीसदी हो गई है. हालांकि, शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग सेक्टरों में रोजगार का वितरण लगभग स्थिर बना रहा.
5 लाख लोगों पर सर्वे किया गया
जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान देश में औसतन 57.4 करोड़ लोग रोजगार में थे. इनमें 40.2 करोड़ पुरुष और 17.2 करोड़ महिलाएं शामिल थीं. सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार पूरे भारत स्तर पर यह आंकड़े 5,61,822 लोगों के सर्वे के आधार पर तैयार किए गए हैं.