किसानों के लिए खुशखबरी! बारिश से बर्बाद फसल पर मिलेगा 75,000 रुपये हेक्टेयर मुआवजा
Crop Damage Compensation Delhi: दिल्ली सरकार ने अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल क्षति पर मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी है. इस फैसले से राजधानी के करीब 10 हजार किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी फसलें खराब मौसम के कारण बर्बाद हो गई थीं.
Delhi Farmers Compensation: प्राकृतिक आपदाएं और खराब मौसम किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं. भारी बारिश, बाढ़ और खेतों में पानी भरने जैसी स्थितियों से किसानों की महीनों की मेहनत खराब हो सकती है. ऐसे समय में आर्थिक सहायता किसानों को राहत देने का काम करती है. इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए एक अहम फैसला लिया है. सरकार ने भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों को पहले से ज्यादा आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है, जिससे हजारों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.
फसल क्षति पर बढ़ाई गई सहायता राशि
दिल्ली सरकार ने अगस्त-सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों को ज्यादा राहत देने का फैसला किया है. रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि प्रभावित किसानों को अब 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि पिछले कुछ सालों में खेती का खर्च काफी बढ़ गया है. इसी वजह से मुआवजे की पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया गया है, ताकि किसानों को बेहतर और वास्तविक राहत मिल सके.
करीब 10 हजार किसानों को होगा लाभ
सरकार के मुताबिक इस फैसले से राजधानी के करीब 10 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. साल 2025 में लगातार हुई भारी बारिश और नालों में पानी बढ़ने की वजह से कई खेतों में जलभराव हो गया था, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में करीब 10,977 एकड़ (लगभग 4,442 हेक्टेयर) कृषि भूमि इस आपदा से प्रभावित हुई थी. कई इलाकों में किसानों की फसलें पूरी तरह खराब हो गई थीं, जिसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा.
किसान कल्याण हेतु दिल्ली सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय।
वर्ष 2015 से लागू ₹20,000 प्रति एकड़ की पुरानी दर में वृद्धि करते हुए अगस्त-सितंबर 2025 की अतिवृष्टि से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को अब ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
🔹 लाभार्थी: 10,000 किसान परिवार…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 1, 2026
पहले कितना मिलता था मुआवजा?
साल 2015 में लागू नियमों के तहत बारिश से फसल खराब होने पर किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाती थी, जो करीब 49,421 रुपये प्रति हेक्टेयर के बराबर थी. अब सरकार ने इस सहायता राशि को बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया है. यानी किसानों को पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि खेती की बढ़ती लागत और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
सरकार ने साफ किया है कि, यह आर्थिक सहायता केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनके नाम पर जमीन दर्ज है. हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है.
इनमें शामिल हैं:
- कंपनियों के नाम पर दर्ज कृषि भूमि
- ग्राम सभा की भूमि
- पक्की चारदीवारी वाले फार्महाउस या प्लॉट
इसलिए केवल पात्र किसान ही इस सहायता का लाभ उठा सकेंगे.
100 प्रतिशत फसल नुकसान का हुआ आकलन
राजस्व विभाग के सर्वे में पता चला कि, कई प्रभावित इलाकों में किसानों की फसलों को पूरी तरह नुकसान हुआ है. भारी बारिश और लंबे समय तक खेतों में पानी भरे रहने की वजह से कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने प्रभावित किसानों को 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की पूरी सहायता राशि देने की मंजूरी दी है. पहले फसल को हुए नुकसान के प्रतिशत के हिसाब से सहायता दी जाती थी, लेकिन इस बार नुकसान ज्यादा होने के कारण किसानों को पूरी सहायता देने का फैसला किया गया है.
किसानों की सुरक्षा और आय बढ़ाने पर जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि, किसानों की आय और उनकी खेती की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि जब प्राकृतिक आपदाओं की वजह से किसानों की फसल को नुकसान होता है, तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी मदद करे और समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाए. मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मदद किसानों को तुरंत राहत देने के साथ-साथ अगली फसल की तैयारी में भी सहारा देगी.