गेहूं खरीद को लेकर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा   

किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने बताया कि किसान पिछले दो दिनों से उप विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) कार्यालय के बाहर भीषण गर्मी और धूप में प्रदर्शन कर रहे हैं. वे गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, सुनवाई नहीं हो रही है. सो रहे प्रशासन की आंखें खोलने के लिए किसानों ने आज रेलवे ट्रैक जाम कर दिया.

नोएडा | Updated On: 30 May, 2026 | 04:47 PM

गेहूं खरीद में देरी को लेकर हजारों की संख्या में जुटे किसानों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. नाराज किसान रेल पटरी पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की. रेल रूट बाधित होने की सूचना से प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन किसानों को मनाने की कोशिश की गई. किसानों ने कहा कि गेहूं खरीद में लापरवाही की गई है और बड़ी संख्या में किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया है, उनकी खरीद के लिए अंतिम तारीख को बढ़ाया जाए.

हनुमानगढ़ जिले के किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने बताया कि किसान पिछले दो दिनों से उप विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) कार्यालय के बाहर भीषण गर्मी और धूप में प्रदर्शन कर रहे हैं. वे गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, सुनवाई नहीं हो रही है. सो रहे प्रशासन की आंखें खोलने के लिए किसानों ने आज रेलवे ट्रैक जाम कर दिया. उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद का मौसम खत्म होने के करीब है, फिर भी मंडियों में बड़ी मात्रा में गेहूं बिना बिके पड़ा हुआ है.

बीकानेर-हनुमानगढ़ रेलवे ट्रैक बंद किया

वहीं, पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि शनिवार को हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में सैकड़ों किसानों ने गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने और खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी करीब एक घंटे तक बीकानेर-हनुमानगढ़ रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे, जिससे आवाजाही बाधित हुई.

अधिकारियों के आश्वासन पर ट्रैक से हटे किसान

किसानों के प्रदर्शन और रेल ट्रैक जाम करने की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अमले के समझाने-बुझाने पर वे ट्रैक खाली करके अपने प्रदर्शन स्थल पर लौट गए. किसान सुबह एक बैठक के लिए इकट्ठा हुए और अपने नेताओं की अपील पर सड़क पार करके करीब 50 मीटर दूर स्थित रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना दिया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने रेलवे ट्रैक खाली कर दिया.

गेहूं खरीद की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई जाए.

किसानों ने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों पर काम में देरी हो रही है. हजारों क्विंटल गेहूं अभी भी खरीद का इंतजार कर रहा है. किसानों को डर है कि अगर खरीद तय समय पर बंद हो गई, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा. किसानों ने कहा कि गेहूं खरीद की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाई जाए और गेहूं खरीद का लक्ष्य भी बढ़ाया जाए. इसके साथ ही मंडियों में पड़े गेहूं की तत्काल उठान हो और खरीद में देरी कर रही लॉजिस्टिक्स (परिवहन/व्यवस्था) संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए. सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले के 7.52 लाख मीट्रिक टन के गेहूं खरीद लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है. हालांकि, किसान संगठनों का जोर देकर कहना है कि गेहूं की एक बड़ी मात्रा अभी भी बिना बिके पड़ी हुई है.

Published: 30 May, 2026 | 04:42 PM

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