Farmers Protest: सरकार से चर्चा के बाद भी आंदोलन जारी, ई-टोकेन व्यवस्था बंद कराने पर अड़े किसान
सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि किसानों की सभी मांगों को मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखा जाएगा तथा शीघ्र ही इस संबंध में जवाब दिया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा सरकार की ओर से मिले इस जवाब से संतुष्ट नहीं है.
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से निकाली जा रही किसान पदयात्रा के तीसरे दिन किसान भोपाल पहुंचे. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से चर्चा का प्रस्ताव रखा गया, जिसके तहत कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना जी, कृषि सचिव तथा मुख्यमंत्री OSD के साथ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई. बैठक में किसानों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई. विशेष रूप से मूंग की फसल की 100% खरीदी तथा खाद की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई.
किसानों को पुलिस ने भोपाल घुसने से पहले रोका
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से हमारे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि किसानों की सभी मांगों को मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखा जाएगा तथा शीघ्र ही इस संबंध में जवाब दिया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा सरकार की ओर से मिले इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. वर्तमान में पुलिस प्रशासन द्वारा किसान पदयात्रा को बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी, होशंगाबाद रोड, भोपाल पर रोक दिया गया है. किसान मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए आगे बढ़ रहे हैं.
मांगें पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा – SKM
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर हजारों की संख्या में किसान भोपाल पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री निवास का महा घेराव किया करने से पहले किसानों को पुलिस ने रोका है. जब तक सरकार किसानों की मांगों पर आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा. संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदेशभर के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंच कर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है.
किसान इन मांगों के लिए अड़े
- 1. प्रदेश के किसानों की मूंग की उपज की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाए.
- 2. ई-टोकन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएँ, ताकि सभी किसानों को बिना किसी भेदभाव एवं परेशानी के समय पर खाद उपलब्ध हो सके.
- 3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवश्यक सुधार करते हुए किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध लाभ प्रदान किया जाए.
- 4. कृषि कार्य हेतु प्रतिदिन 10 घंटे नियमित एवं बिना कटौती बिजली उपलब्ध कराई जाए.
- 5 लोड सेटिंग एवं मेंटेनेंस के नाम पर की जाने वाली अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद की जाए.
- 6. किसानों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का भी शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण किया जाए.
- 7. खेत सड़क योजना लागू कर किसानों के खेतों तक पहुँच मार्ग हेतु पक्की सड़क का निर्माण किया जाए.
- 8. अनुदान योजना के अंतर्गत किसानों को आवश्यकतानुसार विद्युत ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएं.
- 9. भारत–अमेरिका ट्रेड डील समाप्त की जाए.
- 10. प्रत्येक फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करने हेतु गारंटी कानून बनाया जाए तथा डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा अनुसार C₂ + 50% फार्मूला तत्काल लागू किया जाए.