क्या वाकई रिजर्व बैंक ने बेच दिया है सोना, जानिए क्या है सच्चाई…
एक लाख 14 हजार करोड़ का सोने बेचने की संभावना बताने वाली मीडिया रिपोर्ट ने तूफान ला दिया था. अब पीआईबी और रिजर्व बैंक की तरफ से सफाई आई है, जानिए क्या है पूरा मामला और सच्चाई
एक खबर के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 12 बिलियन यूएस डॉलर की कीमत का सोना बेच दिया है. 12 बिलियन यूएस डॉलर का मतलब करीए एक लाख 14 हजार करोड़ रुपए होता है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विदेशी मुद्रा रिजर्व को मजबूती देने के लिए यह कदम उठाया गया है.
अब जानिए कि इस रिपोर्ट की सच्चाई क्या है. इस दावे को रिजर्व बैंक ने एक प्रेस रिलीज जारी करके गलत बताया है. बुधवार को रिजर्व बैंक ने आंकड़ों के साथ यह बताया कि सोना नहीं बेचा गया है. इसमें कहा गया है कि आरबीआई इस बात को साफ करना चाहता है कि रिपोर्ट गलत है.
बैंक ने यह भी कहा कि सोने के स्टॉक में कोई परिवर्तन नहीं आया है. यह अब भी 880.52 टन है. बैंक ने कहा कि आम जनता को यह सलाह दी जाती है कि वे आरबीआई की तरफ से जारी की गई आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें, जो कुछ–कुछ दिनों में की जाती है. हालांकि बैंक ने अप्रैल तक का ही डेटा अपनी प्रेस रिलीज में जारी किया है. इसमें मई का आंकड़ा नहीं है.
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इससे पहले प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी ने भी फैक्ट चेक के जरिए रिपोर्ट को गलत बताया था. पीआईबी फैक्ट चेक में दावा किया गया है कि 31 मार्च 2026 को सोने का प्रतिशत फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में बढ़कर 16.7 फीसदी हो गया है. इसके अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 फीसदी थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.7 फीसदी हो गई. 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 फीसदी पहुंच गई.
आरबीआई ने साफ किया है कि उसके मासिक बुलेटिन में दर्ज सोने (Physical Gold) के भंडार में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है.
A news report published by @Bloomberg states that RBI may have sold gold amounting to approximately USD 12 billion.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE
✔️ According to @RBI, the share of gold in India’s foreign exchange reserves rose from 13.92% at end-September 2025 to 16.70%… pic.twitter.com/eVjxPxEv1i
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
इससे पहले ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, 22 मई 2026 को समाप्त दो सप्ताह की अवधि के दौरान आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये) मूल्य का सोना बेचने की संभावना का जिक्र था. इसी अवधि में उसने लगभग 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदीं.
रिपोर्ट में कहा गया कि विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिला, जिसके कारण 20 मई को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय मुद्रा का प्रदर्शन अधिकांश एशियाई मुद्राओं की तुलना में बेहतर रहा. मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2% गिरकर 95.17 पर बंद हुआ.
भारत के पास कितना सोना है?
आरबीआई के मुताबिक मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना था. इसमें से लगभग 77 फीसदी सोना भारत में ही रखा गया था. छह महीने पहले यह अनुपात 66 फीसदी था, यानी आरबीआई ने पिछले कुछ महीनों में अपने सोने के भंडार का बड़ा हिस्सा विदेश से भारत में स्थानांतरित किया है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने सोने की बिक्री की संभावना जताई है, जबकि आरबीआई का कहना है कि उसके भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसलिए यह संभव है कि रिपोर्ट में जिस “सोने की बिक्री” का उल्लेख है, वह रिजर्व प्रबंधन या मूल्यांकन पद्धति से जुड़ा मामला हो, न कि भौतिक सोने के वास्तविक भंडार में कमी. लेकिन इतना जरूर है कि सोने की बिक्री की खबर राजनीति में भूचाल लाने वाली साबित हो सकती है. इससे पहले भारत ने करीब 35 साल पहले सोना बेचा था, तब केंद्र में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर थे.