Gold-Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है. वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच सर्राफा बाजार में दबाव देखने को मिल रहा है. एक दिन की स्थिरता के बाद 3 जून को सोने और चांदी दोनों के दाम में गिरावट दर्ज की गई. शादी के सीजन से पहले यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है. इससे उन लोगों को फायदा मिल सकता है जो आने वाले दिनों में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं.
सोने की कीमतों में आई हल्की गिरावट
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला है. 1 जून को 24 कैरेट सोना 820 रुपये और 22 कैरेट सोना 750 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ था. इसके बाद एक दिन तक कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन 3 जून को फिर से गिरावट दर्ज की गई.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 10 रुपये घटकर 1,56,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है. वहीं 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये सस्ता होकर 1,43,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता का असर सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
प्रमुख शहरों में सोने के भाव
| शहर | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | 1,56,360 |
| लखनऊ | 1,56,360 |
| जयपुर | 1,56,360 |
| मुंबई | 1,56,210 |
| कोलकाता | 1,56,210 |
| बेंगलुरु | 1,56,210 |
| हैदराबाद | 1,56,210 |
| चेन्नई | 1,58,170 |
चांदी भी हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है. लगातार कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली में चांदी 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 2,79,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है. मुंबई और कोलकाता में भी चांदी इसी कीमत पर बिक रही है. हालांकि चेन्नई में चांदी की कीमत सबसे अधिक बनी हुई है, जहां एक किलो चांदी का भाव 2,89,900 रुपये है.
सरकार ने चांदी आयात नियम किए सख्त
चांदी के आयात को लेकर सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. अब 99.9 प्रतिशत या उससे अधिक शुद्धता वाली चांदी को कुछ तय मार्गों से आयात करने के लिए DGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय) की मंजूरी लेना जरूरी होगा. यह नियम उन चांदी के उत्पादों पर भी लागू होगा, जिन पर सोने या प्लैटिनम की परत चढ़ी हुई है. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद चांदी के आयात को अधिक पारदर्शी और बेहतर तरीके से नियंत्रित करना है.
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया की आर्थिक स्थिति और अलग-अलग देशों के बीच चल रहे तनाव का असर आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है. ऐसे में निवेशकों को बाजार पर नजर बनाए रखनी चाहिए. जो लोग शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए कीमतों में आई मौजूदा गिरावट राहत की खबर हो सकती है. हालांकि, आने वाले समय में सोने और चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है.